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बेंगलुरु के आवासीय विद्यालय में 12 साल के छात्र की मौत, परिवार ने शिक्षक पर मारपीट का आरोप लगाया

बेंगलुरु के आवासीय विद्यालय में 12 साल के छात्र की मौत, परिवार ने शिक्षक पर मारपीट का आरोप लगाया
बेंगलुरु के आवासीय विद्यालय में 12 साल के छात्र की मौत, परिवार ने शिक्षक पर मारपीट का आरोप लगाया

बेंगलुरु, 8 जुलाई (आईएएनएस)। बेंगलुरु के एक रेजिडेंशियल स्कूल के 12 साल के छात्र की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शिक्षकों पर मारपीट करने का आरोप लगा है और इसके बाद परिवार वालों व रिश्तेदारों ने विरोध-प्रदर्शन किया।

मृतक की पहचान गुरुकिरण के तौर पर हुई है, जो बेंगलुरु नॉर्थ तालुक के कदयारप्पनहल्ली गांव के एक मशहूर स्कूल में छठी कक्षा का छात्र था। वह सुबेदारपाल्या के रहने वाले राघवेंद्र का बेटा था।

स्कूल मैनेजमेंट के मुताबिक, गुरुकिरण सुबह-सुबह स्कूल कैंपस में जॉगिंग करते समय गिर पड़ा। स्कूल अधिकारियों ने सुबह करीब 6 बजे उसके माता-पिता को फोन पर बताया कि वह बीमार पड़ गया है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि, जब तक माता-पिता अस्पताल पहुंचे, तब तक लड़के की मौत हो चुकी थी।

दुखी परिवार ने आरोप लगाया है कि शिक्षकों ने लोहे की छड़ों और डंडों से गुरुकिरण के साथ मारपीट की थी और दावा किया कि रेजिडेंशियल स्कूल में उस पर डाले गए दबाव के कारण उसकी मौत हुई

मीडिया से बात करते हुए गुरुकिरण के पिता राघवेंद्र ने कहा, "मेरा बेटा इस स्कूल में तब भर्ती हुआ था जब वह पांचवीं कक्षा में पढ़ रहा था। स्कूल का दावा है कि आज सुबह जॉगिंग करते समय वह गिर पड़ा। लेकिन जब हम अस्पताल पहुंचे, तो वह मृत मिला। मुझे शक है कि स्कूल के अंदर कुछ हुआ है। हो सकता है कि शिक्षकों ने उसके साथ मारपीट की हो या उसके साथ कुछ किया हो।"

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एक अन्य छात्र ने परिवार को बताया कि हॉस्टल में रहने के दौरान गुरुकिरण को लोहे की छड़ से पीटा गया था।

उन्होंने आरोप लगाया, "हमें बताया गया है कि फिजिकल एजुकेशन टीचर ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस उस टीचर को बचा रही है।"

राघवेंद्र ने कहा कि उनके बेटे ने स्कूल में किसी भी तरह की प्रताड़ना या मारपीट की शिकायत कभी नहीं की थी।

उन्होंने कहा, "उसने हमसे कभी कोई शिकायत नहीं की। छठी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे के साथ क्या हो सकता है? मुझे पक्का शक है कि उसके साथ मारपीट की गई थी। स्कूल ने हमें सुबह करीब 6 बजे फोन करके बताया कि जॉगिंग करते समय वह गिर पड़ा था और उसकी पल्स रेट गिर गई थी।"

इस घटना के बाद, गुरुकिरण के माता-पिता और रिश्तेदार रेजिडेंशियल स्कूल के बाहर जमा हुए और मैनेजमेंट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़के को डंडों और लोहे की छड़ों से पीटा गया था और मामले की गहन जांच की मांग की।

एक अन्य रिश्तेदार, यशस्विनी ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार को शुरू में गुरुकिरण का शव देखने की इजाजत नहीं दी गई थी।

उन्होंने कहा, "जब हम अस्पताल पहुंचे, तो हमें बच्चे का शव देखने नहीं दिया गया। बाद में हमें पता चला कि स्कूल के कर्मचारी उसे दूसरे अस्पताल ले गए थे। हमें नहीं पता कि असल में क्या हुआ था। जब हमने मैनेजमेंट से सीसीटीवी फुटेज मांगी, तो उन्होंने कहा कि कैमरे खराब थे और फुटेज उपलब्ध नहीं है।"

उन्होंने कहा, "अगर उसे हार्ट अटैक आया होता, तो कुछ लक्षण जरूर दिखे होते। उन्होंने कोई ठीक-ठाक स्पष्टीकरण नहीं दिया है और बस यही कह रहे हैं कि जॉगिंग करते समय वह गिर पड़ा। वह बिल्कुल स्वस्थ था। गर्मियों की छुट्टियों में उसने हमारे साथ समय बिताया था और उसे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। उसे पहले कभी अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा था। हम इस बात पर कैसे यकीन करें?"

परिवार ने स्कूल के इस दावे पर भी सवाल उठाए कि गुरुकिरण ने जॉगिंग के दो चक्कर पूरे कर लिए थे और तीसरे चक्कर के दौरान गिर पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट जॉगिंग एरिया या उस कमरे की सीसीटीवी फुटेज देने में नाकाम रहा, जहां गिरने के बाद उसे ले जाया गया था।

एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया, "वे कह रहे हैं कि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है क्योंकि कैमरे खराब थे। हमने पाया कि सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए थे और तार काट दिए गए थे। हमें गड़बड़ी का शक है। दूसरे छात्रों ने भी हमें बताया है कि स्कूल में बच्चों को पीटा जाता है।"

स्कूल में तनाव का माहौल बन गया जब नाराज अभिभावकों ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में फिजिकल एजुकेशन टीचर के साथ मारपीट की। पुलिस ने बीच-बचाव किया और गुस्साई भीड़ से टीचर को बचाया।

पुलिस ने गुरुकिरण की मौत का सही कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। आगे की जांच चल रही है।

स्कूल ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

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