सिग्नेचर मिसमैच मामला: अभिषेक बनर्जी को तीसरे दौर की पूछताछ के लिए फिर बुला सकता है सीआईडी
कोलकाता, 15 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी सिग्नेचर मैच न होने के मामले में पूछताछ के तीसरे दौर के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को फिर से बुला सकती है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से पहले ही दो राउंड में 14 घंटे (पहली बार 11 जून को छह घंटे और फिर 14 जून को साढ़े आठ घंटे) से ज्यादा पूछताछ हो चुकी है।
सीआईडी अधिकारियों ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष से भी पूछताछ की। कुणाल घोष पत्रकार से राजनेता बने हैं। यह पूछताछ पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित कुछ सीटों पर नियुक्ति से जुड़े एक अहम प्रस्ताव पर कुछ तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षरों में अंतर के मामले में की गई।
पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष के बयानों में कुछ अहम विसंगतियां पाईं। इन विसंगतियों पर स्पष्टीकरण पाने के लिए सीआईडी अधिकारियों ने दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के सांसद को फिर से बुलाने का फैसला किया है, जो शायद इस सप्ताह के आखिर में होगा।
पता चला है कि रविवार को सीआईडी के जांच अधिकारी ने पहले बनर्जी और घोष से अलग-अलग पूछताछ की। बाद में, सूत्रों के अनुसार, दोनों को आमने-सामने बिठाकर एक साथ पूछताछ की गई।
अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष में से किसी ने भी अब तक पूछताछ की प्रक्रिया पर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं की है। रविवार को सीआईडी मुख्यालय में घोष के रहने और पूछताछ का समय उनकी पार्टी के महासचिव की तुलना में बहुत कम था।
अभिषेक बनर्जी पहली बार 11 जून को दक्षिण कोलकाता में सीआईडी मुख्यालय पहुंचे थे, जब कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज वेकेशन बेंच ने उन्हें इस मामले में सीआईडी की पूछताछ का सामना करने के लिए पेश होने की समय-सीमा तय की थी। उससे पहले, उन्होंने इस मामले में सीआईडी अधिकारियों के लगातार तीन समन को नजरअंदाज किया था।
--आईएएनएस
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