बंगाल सरकार मैजिक स्कूल और जादू के इतिहास पर संग्रहालय स्थापित करेगी
कोलकाता, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की जादू कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए राज्य में एक पूर्ण विकसित जादू स्कूल स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा, बंगाल में जादू के इतिहास पर एक जादू संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें बंगाली जादू की प्रथा के लंबे इतिहास, दुर्लभ उपकरणों और कलाकारों के योगदान को संरक्षित किया जाएगा।
राज्य सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों (आई एंड सीए) विभाग की पहल पर इस योजना के कार्यान्वयन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
राज्य सरकार ने इस परियोजना की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक सलाहकार समिति का गठन किया है।
देश के प्रख्यात जादूगर पीसी सरकार (जूनियर) समिति के मुख्य सलाहकार हैं। उनके साथ कई अन्य प्रख्यात व्यक्ति भी शामिल हैं जो लंबे समय से जादू कला से जुड़े हुए हैं।
स्कूल और संग्रहालय योजनाओं को कैसे लागू किया जाएगा, इस पर प्रारंभिक चर्चा शुरू हो चुकी है।
सलाहकार समिति की पहली औपचारिक बैठक शुक्रवार को कोलकाता के नंदन सभागार में आयोजित की गई।
सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पूर्णिमा चक्रवर्ती और विभाग के सचिव सौमित्र मोहन भी उपस्थित थे।
पीसी सरकार (जूनियर), उनकी पत्नी जयश्री सरकार और बेटी जादूगरनी मेनिका सरकार भी बैठक में शामिल हुईं।
बैठक में प्रस्तावित जादू विद्यालय के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण के प्रकार, संग्रहालय के बुनियादी ढांचे और परियोजना कार्यान्वयन की संभावित रूपरेखा पर चर्चा हुई।
चर्चा में जादू को केवल मंच मनोरंजन तक सीमित न रखकर, एक स्वतंत्र कला और विज्ञान आधारित अभ्यास के रूप में स्थापित करने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा।
बैठक के बाद पीसी सरकार (जूनियर) ने कहा कि बंगाली जादू का इतिहास बहुत समृद्ध और प्राचीन है और इस परंपरा को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करने की आवश्यकता है।
उनके अनुसार, जादू के पीछे विज्ञान, अभ्यास और विशेष कौशल निहित हैं।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार की यह पहल लागू होती है, तो नई पीढ़ी को जादू को पेशे के रूप में चुनने का अवसर मिलेगा। यह विद्यालय युवाओं में इस कला के प्रति रुचि पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रस्तावित जादू संग्रहालय का एक उद्देश्य बंगाल में जादू की प्रथा के इतिहास को संरक्षित करना है।
--आईएएनएस
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