Samachar Nama
×

बंगाल सरकार ने बदला गहरे समुद्री बंदरगाह परियोजना का स्थान, ताजपुर की जगह दादनपत्रबार में बनेगा पोर्ट

कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को राज्य की प्रस्तावित गहरे समुद्री बंदरगाह (डीप-सी पोर्ट) परियोजना के लिए नया स्थान घोषित किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी मिदनापुर जिले के ताजपुर को इस परियोजना के लिए अनुपयुक्त मानते हुए अब उससे लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित दादनपत्रबार को नए स्थल के रूप में चुना गया है।
बंगाल सरकार ने बदला गहरे समुद्री बंदरगाह परियोजना का स्थान, ताजपुर की जगह दादनपत्रबार में बनेगा पोर्ट

कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को राज्य की प्रस्तावित गहरे समुद्री बंदरगाह (डीप-सी पोर्ट) परियोजना के लिए नया स्थान घोषित किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी मिदनापुर जिले के ताजपुर को इस परियोजना के लिए अनुपयुक्त मानते हुए अब उससे लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित दादनपत्रबार को नए स्थल के रूप में चुना गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजपुर में परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण यह फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि डीप-सी पोर्ट परियोजना के लिए करीब 1,700 एकड़ सरकारी (वेस्टेड) भूमि की जरूरत है, जो दादनपत्रबार में उपलब्ध है।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, "ताजपुर में परियोजना के लिए आवश्यक विशाल भूमि राज्य सरकार के पास उपलब्ध नहीं है। इसलिए उसी जिले में ताजपुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित दादनपत्रबार को नए स्थान के रूप में चुना गया है।"

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने ताजपुर में इस परियोजना को लेकर एक प्रमुख औद्योगिक समूह के साथ बातचीत शुरू की थी, लेकिन पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण कंपनी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को राज्य सचिवालय नवान्न में बंदरगाहों, तटीय क्षेत्रों और कोलकाता के आसपास के नदी तटीय इलाकों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

उन्होंने कहा कि डीप-सी पोर्ट परियोजना को लेकर उनकी केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय से भी चर्चा हुई है। "सभी स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकला कि ताजपुर में यह परियोजना संभव नहीं है। इसलिए हमने दादनपत्रबार में वैकल्पिक योजना तैयार की है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से भी इस विषय पर बातचीत हुई है और उन्होंने भी सहमति दे दी है। अब हम इस परियोजना को यथार्थवादी तरीके से आगे बढ़ाएंगे।"

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि कोलकाता में जल्द ही वॉटर मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के 17 शहरों में वॉटर मेट्रो संचालित हो रही है और कोलकाता इस नेटवर्क से जुड़ने वाला 18वां शहर होगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सागरमाला प्रोजेक्ट योजना से जुड़ने का भी फैसला किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछली सरकार सागरमाला-1 परियोजना से नहीं जुड़ी थी, लेकिन अब सागरमाला-2 के तहत पश्चिम बंगाल सक्रिय भागीदारी करेगा।

उन्होंने कहा, "अगले पांच वर्षों के लिए 22,700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसमें बंदरगाह संपर्क व्यवस्था, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य अवसंरचना के विकास और सागर, काकद्वीप, नामखाना, नयाचार तथा खेजुरी जैसे तटीय क्षेत्रों के मछुआरों की समस्याओं के समाधान की योजनाएं शामिल होंगी।"

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य में 44 नई जेटियों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित इन परियोजनाओं में से 41 जेटियों को हाल ही में मंजूरी मिल गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कपिल मुनि आश्रम और सागर आईलैंड के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वार्षिक गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

उन्होंने बताया कि बालागढ़ क्षेत्र में बंदरगाह संपर्क परियोजनाओं और कटाव-रोधी अवसंरचना के निर्माण का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी

Share this story

Tags