विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग का बंगाल पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों की जल्द से जल्द पहचान करने का निर्देश
कोलकाता, 24 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने बंगाल पुलिस-प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि अगर संभव हो तो मार्च के दूसरे सप्ताह तक संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान पूरी कर लें। चुनाव आयोग संवेदनशील क्षेत्रों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती के लिए प्रारंभिक योजना बनाएगा।
बता दें कि चुनाव आयोग ने मतदान तारीखों के एलान और आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले ही राज्य में सीएपीएफ की तैनाती का फैसला किया है। 10 मार्च तक राज्य में सीएपीएफ की कुल 480 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें से 240 कंपनियां 1 मार्च को और बाकी 240 कंपनियां 10 मार्च को तैनात की जाएंगी।
राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ सोमवार शाम को प्रारंभिक बैठक की गई। जिसमें चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि एक से 10 मार्च के बीच तैनात की जाने वाली प्रारंभिक 480 कंपनियों को निष्क्रिय रखा जा सकता है, और इसके बजाय उनका उपयोग प्रारंभिक क्षेत्र नियंत्रण के लिए किया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों के परामर्श से सीएपीएफ की इन 480 कंपनियों की तैनाती की जानी चाहिए।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि आयोग ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को सीएपीएफ की तैनाती प्रक्रिया की निगरानी करने और इस संबंध में चुनाव आयोग को दैनिक रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है। आयोग ने पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार को संबंधित सीएपीएफ और उनके मुख्य बल समन्वयकों के परामर्श से विस्तृत तैनाती योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। आयोग ने स्पष्ट किया था कि सीएपीएफ की आवाजाही और तैनाती का समन्वय सीआरपीएफ द्वारा किया जाएगा।
पहले चरण में 240 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 110 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 55 कंपनियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 21 कंपनियां, भारत-तिब्बत पुलिस बल (आईटीबीपी) की 27 कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 27 कंपनियां शामिल होंगी। दूसरे चरण में 240 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें सीआरपीएफ की 120 कंपनियां, बीएसएफ की 65 कंपनियां, सीआईएसएफ की 16 कंपनियां, आईटीबीपी की 20 कंपनियां और एसएसबी की 19 कंपनियां शामिल होंगी।
--आईएएनएस
सत्यम/एएस

