बारुईपुर नाबालिग रेप और मर्डर: बंगाल पुलिस ने 60 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल की
कोलकाता, 3 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार को बताया कि दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में इस साल जुलाई में एक नाबालिग लड़की के रेप और मर्डर की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जिला अदालत में इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है।
4 जुलाई को हुई इस घटना के ठीक 60 दिन बाद बारुईपुर जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
पीड़िता 4 जुलाई की दोपहर से लापता थी और उसका शव 5 जुलाई की सुबह बारुईपुर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले सूर्यपुर इलाके के एक तालाब से मिला था; घटना 4 जुलाई की रात और 5 जुलाई की सुबह के बीच हुई थी।
इस घटना से पूरे राज्य में हंगामा मच गया। राज्य सरकार ने एक एसआईटी बनाई और मामले की जांच के आदेश दिए।
कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक आरोपी, प्रभास मंडल, पुलिस एनकाउंटर में मारा गया; वह पुलिस अधिकारी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था।
पीड़िता के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बोरी में लपेटकर तालाब में फेंके जाने से पहले वह जिंदा थी।
ऑटोप्सी रिपोर्ट में उसके प्राइवेट पार्ट और सिर पर गंभीर चोटों का पता चला। ऑटोप्सी रिपोर्ट में मौत की दो वजहें बताई गईं: बहुत ज्यादा खून बहना और पानी के अंदर दम घुटना।
राज्य पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 702 पन्नों की चार्जशीट में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं: धारा 137(2) (अपहरण की सज़ा), धारा 140(3) (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से और गुप्त रूप से कैद में रखने के इरादे से अपहरण या अगवा करने की सज़ा), धारा 65(1) (सोलह साल से कम उम्र की नाबालिग लड़की के साथ रेप की सज़ा), धारा 70(2) (18 साल से कम उम्र की महिला/लड़की के साथ गैंगरेप की सजा), धारा 103(1) (हत्या की सजा), धारा 238 (अपराध के सबूत मिटाने की सजा) और धारा 61 (आपराधिक साजिश की सजा)।
चार्जशीट में आरोपियों पर 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (पॉक्सो), 2012 की धारा 6 (बच्चे के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न की सजा) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
--आईएएनएस
एससीएच

