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बैंक ऑफ अमेरिका ने बढ़ाया भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, 2025-26 में 7.6 प्रतिशत विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। मजबूत नीतिगत सुधारों और उपभोग के चलते भारत की अर्थव्यवस्था में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। इसी को देखते हुए बैंक ऑफ अमेरिका (बीओएफए) ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले बैंक ने यह अनुमान 7 प्रतिशत लगाया था।
बैंक ऑफ अमेरिका ने बढ़ाया भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, 2025-26 में 7.6 प्रतिशत विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। मजबूत नीतिगत सुधारों और उपभोग के चलते भारत की अर्थव्यवस्था में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। इसी को देखते हुए बैंक ऑफ अमेरिका (बीओएफए) ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले बैंक ने यह अनुमान 7 प्रतिशत लगाया था।

इसके अलावा, बीओएफए ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भी भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले यह अनुमान 6.5 प्रतिशत था।

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने नई रिपोर्ट में कहा है कि भारत से मिले नए आर्थिक आंकड़े यह दिखाते हैं कि 2025 के अंत तक देश की आर्थिक गतिविधियों में सुधार हुआ है। इसी वजह से जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया गया है।

भारत की अर्थव्यवस्था ने दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की थी, जो उम्मीद से ज्यादा थी। इसके बाद 2025-26 के लिए विकास दर को लेकर अनुमान और बेहतर हुए हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में सरकारी नीतियों का समर्थन भारत की आर्थिक वृद्धि में बड़ी भूमिका निभाएगा।

आरबीआई ने गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में 2025 में कई बार ब्याज दरों में कटौती की। इससे कारोबार और निवेश को बढ़ावा मिला और अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनी हुई है।

ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि देश में खपत और खर्च बढ़ा है। इसके साथ ही निवेश से जुड़े आंकड़े भी मजबूत हुए हैं। ईंधन की खपत, गाड़ियों की बिक्री और कर्ज की बढ़ोतरी जैसे संकेतक नवंबर और दिसंबर में तेज हुए हैं, जिससे आर्थिक मजबूती साफ दिखती है।

सरकार जल्द ही नई जीडीपी शृंखला के साथ-साथ महंगाई की नई शृंखला भी जारी करने वाली है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के पुराने आंकड़ों को भी नए तरीके से पेश किया जाएगा, ताकि तुलना आसान हो सके।

हालांकि, सरकार का मानना है कि नए आंकड़े आने के बाद भी भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

--आईएएनएस

डीबीपी/वीसी

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