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बांग्लादेश में राज्य मंत्री पर प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर मचा बवाल, छह पत्रकारों के खिलाफ कसा शिकंजा; एक गिरफ्तार

ढाका, 20 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश में पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने देश की साइबर सुरक्षा अधिनियम के तहत एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है। यह मामला स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता (एलजीआरडी) के राज्य मंत्री मीर शाहे आलम को कथित तौर पर बदनाम करने वाली कई रिपोर्ट्स से जुड़ा है।
बांग्लादेश में राज्य मंत्री पर प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर मचा बवाल, छह पत्रकारों के खिलाफ कसा शिकंजा; एक गिरफ्तार

ढाका, 20 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश में पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने देश की साइबर सुरक्षा अधिनियम के तहत एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है। यह मामला स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता (एलजीआरडी) के राज्य मंत्री मीर शाहे आलम को कथित तौर पर बदनाम करने वाली कई रिपोर्ट्स से जुड़ा है।

गिरफ्तार किए गए पत्रकार की पहचान बांग्लादेशी अखबार दैनिक अग्रजात्रा प्रतिदिन के कार्यवाहक संपादक रेजानुर इस्लाम के तौर पर हुई है। बोगरा के अपर पुलिस अधीक्षक (मीडिया) अताउर रहमान ने बताया कि 18 जून की रात को गाजीपुर सदर उपजिला के बोर्ड बाजार इलाके से गिरफ्तार किए जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें शुक्रवार को बोगरा जेल भेज दिया गया।

बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, यह केस 15 जून को बोगरा-2 (शिबगंज) के विधायक और एलजीआरडी राज्य मंत्री मीर शाहे आलम के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों वाली एक रिपोर्ट के प्रकाशित होने के सिलसिले में दर्ज किया गया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शिकायत बोगरा प्रेस क्लब के ट्रेजरर और द न्यू नेशन के उत्तरी क्षेत्रीय प्रतिनिधि तनवीर आलम रिमोन ने अखबार के संपादक और प्रकाशक समेत छह लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया और बोगरा सदर पुलिस स्टेशन को मामला एफआईआर के तौर पर दर्ज करने का निर्देश दिया।

दूसरे आरोपियों में दैनिक अग्रोजात्रा प्रतिदिन के प्रकाशक और संपादक मेहदी हसन; न्यूज एडिटर अशरफ अली फारूकी; रिपोर्टर सालेह कैसर; बोगरा के रिपोर्टर मोहम्मद शम्स और जिला रिपोर्टर सब्बीर हसन शामिल हैं।

बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार के अनुसार, आरोप लगाया गया कि अग्रजात्रा प्रतिदिन ने 4 मई को अपने सोशल मीडिया पेज पर "राज्य मंत्री मीर शाहे आलम भ्रष्टाचार विवाद में" हेडलाइन के तहत एक रिपोर्ट पब्लिश की, जिसे शिकायतकर्ता ने "बदनाम करने वाला, झूठा और मनगढ़ंत" बताया।

इस घटना के बाद, बांग्लादेश की अवामी लीग ने रेजानुर की गिरफ्तारी की निंदा की और चेतावनी दी कि आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाना प्रेस की आजादी और देश में स्वतंत्र मीडिया के लिए कम होती जगह को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।

अवामी लीग ने कहा, "यह मुद्दा सिर्फ एक इंसान का नहीं है। यह इस बारे में है कि क्या असहज रिपोर्टिंग को आपराधिक मामला माना जा सकता है। जब आलोचना को 'उकसावा' और खराब कवरेज को 'बदनामी' कहा जाता है, तो स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए जगह जरूर कम हो जाती है।"

इसमें आगे कहा गया, “रेजानुर इस्लाम एक पत्रकार हैं, कोई सजायाफ्ता अपराधी नहीं। फिर भी वह अब जेल में हैं जबकि कानूनी कार्रवाई जारी है। आलोचकों के लिए, यह एक मीडिया प्रोफेशनल को हिरासत में लेने से कहीं ज्यादा है। यह प्रेस की आजादी और पत्रकारों की सत्ता में बैठे लोगों की जांच करने की क्षमता के लिए एक परेशान करने वाला संकेत है।”

--आईएएनएस

केके/पीएम

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