बांग्लादेश: सांसद को लेकर विवाद के बीच जमात-ए-इस्लामी के 'नैतिक मानकों' पर सवाल
ढाका, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के सांसद गाजी नजरुल इस्लाम को "नैतिक पतन" के आरोपों के चलते पार्टी से निष्कासित किए जाने और इसके बाद उनके अपने कर्मचारियों के साथ मारपीट के आरोप लगने के बाद इस्लामी कट्टरपंथी संगठन जमात गहन जांच के घेरे में आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार जमात ने व्यापक सार्वजनिक आलोचना और मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद ही सांसद से किनारा कर अपनी छवि बचाने की कोशिश की।
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार डेली सन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, "जमात-ए-इस्लामी ने लंबे समय से खुद को देश की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के नैतिक विकल्प के रूप में पेश किया है। उसने अपनी राजनीतिक पहचान इस वादे पर बनाई है कि धर्म आधारित राजनीति से स्वच्छ शासन, मजबूत जवाबदेही और उच्च नैतिक मानक मिलेंगे, जो दशकों से बांग्लादेश की संरक्षण वाली राजनीति से अलग होंगे। अब यही दावा पहली असली परीक्षा से गुजर रहा है।"
रिपोर्ट में कहा गया कि सत्ता चरित्र नहीं बनाती, बल्कि उसे उजागर करती है। पार्टी नेतृत्व का महिलाओं को लेकर रवैया खास तौर पर चिंताजनक रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया, "जमात के शीर्ष नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक महिला पार्टी का नेतृत्व नहीं कर सकती क्योंकि इस्लाम की उनकी व्याख्या में ऐसा नेतृत्व स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने सीधे चुनाव वाले संसदीय क्षेत्रों में कोई महिला उम्मीदवार भी नहीं उतारी। ये दोनों बातें ही इस बारे में बड़ा संदेश देती हैं कि जमात राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका को कैसे देखता है।"
विवाद तब और बढ़ गया जब कई वरिष्ठ जमात नेताओं के मातृत्व अवकाश के बाद महिलाओं के लिए काम के घंटे कम करने और घर पर रहने वाली माताओं को वित्तीय प्रोत्साहन देने संबंधी बयान मीडिया में उद्धृत हुए।
बाद में उन्होंने इन बयानों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया। रिपोर्ट में कहा गया, "इस विवाद के बावजूद व्यापक पैटर्न साफ है। वरिष्ठ जमात नेताओं ने लगातार ऐसे समाज की परिकल्पना रखी है जिसमें महिलाओं की प्राथमिक भूमिका पारंपरिक घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित है, न कि सार्वजनिक जीवन में समान भागीदारी।"
रिपोर्ट के अनुसार जमात नेताओं द्वारा प्रस्तुत समाज की यह तस्वीर आधुनिक बांग्लादेश और महिलाओं व युवाओं की आकांक्षाओं से पूरी तरह अलग है।
रिपोर्ट में बताया गया, "महिलाएं बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए परिधीय नहीं हैं - वे इसकी प्रमुख निर्माता हैं। देश की निर्यात अर्थव्यवस्था को बदलने वाले वस्त्र उद्योग से लेकर बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यमिता और सिविल सेवा तक, महिलाएं हर दिन आर्थिक विकास को आगे बढ़ा रही हैं। उनके अवसरों को सीमित करना परिवारिक मूल्यों की रक्षा नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश की सबसे बड़ी विकास सफलताओं में से एक को कमजोर करने का खतरा है।"
रिपोर्ट में कहा गया कि अगर जमात वास्तव में खुद को अन्य राजनीतिक दलों के नैतिक पतन से अलग साबित करना चाहता है, तो उसे घोटाले सामने आने के बाद सिर्फ सदस्यों को निकालने से आगे बढ़कर उच्च मानक स्थापित करने होंगे।
--आईएएनएस
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