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पाकिस्तानी सेना की ओर से नागरिकों को जबरन गायब किए जाने के खिलाफ बलूच छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी

केटा, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में नागरिकों के जबरन गायब होने का सिलसिला जारी है। ऐसे में प्रांतीय राजधानी केटा स्थित बोलन मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन कॉलेज कैंपस के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा और पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन लापता की गई एक छात्रा की तत्काल और सुरक्षित वापसी की मांग की।
पाकिस्तानी सेना की ओर से नागरिकों को जबरन गायब किए जाने के खिलाफ बलूच छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी

केटा, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में नागरिकों के जबरन गायब होने का सिलसिला जारी है। ऐसे में प्रांतीय राजधानी केटा स्थित बोलन मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन कॉलेज कैंपस के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा और पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन लापता की गई एक छात्रा की तत्काल और सुरक्षित वापसी की मांग की।

बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के अनुसार, खदीजा बलूच को मंगलवार को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा केटा स्थित बीएमसी महिला छात्रावास से अगवा कर लिया गया और एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।

इसमें कहा गया है कि उसके जबरन लापता होने के बाद से उसके परिवार और सहपाठियों को उसके ठिकाने या हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

यह याद रखना जरूरी है कि बलूचिस्तान में महिलाओं के जबरन गायब होने की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वह दिन दूर नहीं जब हर घर को इस नियति का सामना करना पड़ेगा। किसी को भी कहीं से भी उठाया जा सकता है, गायब किया जा सकता है और बाद में आतंकवादी करार दिया जा सकता है।

बीवाईसी के अनुसार, सरकार बलूच लोगों को दबाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। बलूच राष्ट्र के लिए अब समय आ गया है कि वह इन सरकारी अत्याचारों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हो।

इस घटना पर चिता व्यक्त करते हुए बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने कहा कि बलूच महिलाओं को निशाना बनाना एक खतरनाक वृद्धि को दर्शाता है।

मानवाधिकार संगठन ने कहा, "ऐसे मामले बढ़ रहे हैं, जिससे समुदायों में भय का माहौल बन रहा है। परिवार हिंसा, अनिश्चितता और चुप्पी का सामना कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न्याय और सम्मान की मांग करने वाली आवाजों को हराने और दबाने के जानबूझकर किए गए प्रयास को दर्शाती है।"

बीवीजे ने तत्काल जवाबदेही और खदीजा की सुरक्षित वापसी की अपील करते हुए कहा कि चुप्पी कायम रहने से अविश्वास और पीड़ा और गहरी होगी।

इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि बलूचिस्तान के लोगों को अपनी आवाज उठानी चाहिए, एकजुट होना चाहिए और जबरन गायब किए जाने की घटनाओं को समाप्त करने की मांग करनी चाहिए।

इस घटना की निंदा करते हुए बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के अध्यक्ष नसीम बलूच ने कहा कि खदीजा के जबरन गायब होने से बलूच नागरिकों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाइ‌यों की क्रूर वास्तविकता उजागर होती है, जिसमें अपहरण, यातना और पूरे समुदाय को सामूहिक रूप से दंडित करना शामिल है।

--आईएएनएस

डीकेपी/

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