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जिनेवा में बलोच समूह ने लगाई फोटो प्रदर्शनी, पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप

जिनेवा में बलोच समूह ने लगाई फोटो प्रदर्शनी, पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप
जिनेवा में बलोच समूह ने लगाई फोटो प्रदर्शनी, पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप

जिनेवा, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बलोच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर एक फोटो प्रदर्शनी लगाई, जिसमें बलूचिस्तान में पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा लोगों को जबरन गायब करने, सामूहिक सजा और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों की ओर दुनिया का ध्यान खींचा गया।

इस प्रदर्शनी में उन बलोच लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं जिन्हें जबरन गायब किया गया है और उनके परिवार किस तरह तकलीफ झेल रहे हैं।

बीएनएम के मुताबिक, इस कार्यक्रम का मकसद बलूचिस्तान की गंभीर स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करना और जबरन गायब किए जाने के सबूतों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तक पहुंचाना था।

समूह ने कहा कि बलूचिस्तान में जबरन गायब करना सिर्फ एक दावा या आंकड़ा नहीं बल्कि यह हजारों परिवारों के लिए एक दर्दनाक हकीकत है।

उसने कहा कि प्रदर्शनी में लगी तस्वीरें उन परिवारों की हैं जो सालों से अपने प्रियजनों की वापसी और उनके बारे में जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

बलूचिस्तान में बिगड़ते मानवाधिकार संकट को उजागर करते हुए बीएनएम ने कहा कि जबरन गायब किए गए लोगों के परिवारों के विरोध प्रदर्शन, वॉयस फॉर बलोच मिसिंग पर्सन्स के लॉन्ग मार्च और बलूचिस्तान में लंबे समय तक भूख हड़ताल के बावजूद इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

समूह ने कहा कि उसका वैश्विक अभियान इस सवाल को दस्तावेजों और फोटोग्राफिक सबूतों के रूप में संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाने का एक प्रयास है।

बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता महरंग बलोच का जिक्र करते हुए बीएनएम ने कहा कि उन्होंने पहली बार अपनी आवाज तब उठाई थी जब वह एक छोटी बच्ची थीं और उनके पिता को जबरन गायब कर दिया गया था। तब से वह बलोच अधिकारों के लिए एक प्रमुख आवाज बनकर उभरी हैं।

समूह ने कहा कि बलोच अधिकारों के लिए संघर्ष करने पर उन पर कई केस दर्ज किए गए और जून 2026 में पाकिस्तानी अदालत ने उन्हें एक 'झूठे केस' में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

बीएनएम ने अपने अध्यक्ष नसीम बलोच के पिता मुहम्मद बख्श साजिदी, उनके चाचा नईम साजिदी और उनके मामा रफीक बलोच के मामलों का भी हवाला दिया। आरोप है कि 2 फरवरी 2026 को बलूचिस्तान के हब क्षेत्र में उनके घरों पर छापेमारी के दौरान पाकिस्तानी सेना ने उन्हें जबरन गायब कर दिया था। तब से उनका कोई पता नहीं चला है जबकि इस मुद्दे को ब्रिटिश संसद में अर्ली डे मोशन के जरिए भी उठाया गया था।

जिनेवा में इस प्रदर्शनी के जरिए बीएनएम ने जबरन गायब किए गए लोगों की तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पेश कीं और मांग की कि बलूचिस्तान में बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से लिया जाए।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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