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तमिलनाडु में उत्साह के साथ मनाई जा रही बकरीद, मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़े नमाजी

चेन्नई, 28 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में मुसलमान गुरुवार को इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक बकरीद को नमाज, दान और सामुदायिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धा और उत्साह से मना रहे हैं। यह त्योहार ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है, जो पैगंबर इब्राहिम के बलिदान और ईश्वर के प्रति उनकी भक्ति की याद में मनाया जाता है। पैगंबर इब्राहिम खुदा के आदेश का पालन करते हुए अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे।
तमिलनाडु में उत्साह के साथ मनाई जा रही बकरीद, मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़े नमाजी

चेन्नई, 28 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में मुसलमान गुरुवार को इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक बकरीद को नमाज, दान और सामुदायिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धा और उत्साह से मना रहे हैं। यह त्योहार ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है, जो पैगंबर इब्राहिम के बलिदान और ईश्वर के प्रति उनकी भक्ति की याद में मनाया जाता है। पैगंबर इब्राहिम खुदा के आदेश का पालन करते हुए अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे।

इस्लामी महीने जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को मनाई जाने वाली बकरीद पर विशेष नमाज, दान और जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। कुर्बानी के बाद मांस को रिश्तेदारों, पड़ोसियों और गरीबों में बांटा जाता है।

गुरुवार सुबह से ही नए पारंपरिक कपड़े पहनकर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग राज्यभर की मस्जिदों, खुले मैदानों और स्टेडियमों में विशेष ईद की नमाज अदा करने पहुंचे। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ त्योहार में हिस्सा लिया और नमाज के बाद एक-दूसरे को बधाई दी।

चेन्नई में पेरंबूर, ओटेरी, रोयापुरम, पुरसावक्कम, अन्ना नगर, आइस हाउस, वाशरमेनपेट, टोंडियारपेट और कोडुंगैयूर समेत कई इलाकों में बकरीद का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।

कड़ी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के बीच हजारों लोगों ने मस्जिदों और निर्धारित नमाज स्थलों पर विशेष नमाज में हिस्सा लिया। नेताओं ने इस मौके पर शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।

तिरुनेलवेली जिले के मुस्लिम बहुल मेलापालयम इलाके में भी बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए एकत्र हुए। पारंपरिक कपड़े पहने लोग सुबह से ही नमाज में शामिल होने पहुंचे। तमिलनाडु के कई अन्य जिलों से भी इसी तरह के दृश्य सामने आए, जहां मस्जिदों और खुले स्टेडियमों में विशेष नमाज का आयोजन किया गया।

नमाज के बाद कई परिवारों ने पारंपरिक कुर्बानी की रस्म निभाते हुए बकरों, मवेशियों और अन्य अनुमत जानवरों की कुर्बानी दी। इस्लामी परंपरा के अनुसार मांस का बड़ा हिस्सा गरीब और जरूरतमंद लोगों में बांटा गया।

ईद के संदेश देने वाले धार्मिक विद्वानों ने बकरीद से जुड़े त्याग, करुणा, दान और सामाजिक सौहार्द के मूल्यों पर जोर दिया।

देश में शांति, समृद्धि और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए विशेष दुआएं भी की गईं। तमिलनाडु प्रशासन ने बकरीद की नमाज और त्योहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम

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