बाकू में भारत की विश्व धरोहर की झलक, भारतीय दूतावास लगाएगा स्थायी प्रदर्शनी
बाकू, 16 जुलाई (आईएएनएस)। अजरबैजान की राजधानी बाकू में भारतीय दूतावास जल्द ही भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों पर एक स्थायी प्रदर्शनी शुरू करने जा रहा है।
दूतावास ने इस कार्यक्रम का निमंत्रण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। इसके साथ अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार का एक वीडियो संदेश भी पोस्ट किया गया।
दूतावास ने लिखा, "18 जुलाई शाम 6 बजे भारतीय दूतावास, बाकू में होने वाली भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी प्रदर्शनी के उद्घाटन और भारतीय स्ट्रीट फूड फेस्टिवल में आपका स्वागत है।"
अपने वीडियो संदेश में राजदूत अभय कुमार ने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि इस शनिवार शाम हम बाकू में भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की एक स्थायी प्रदर्शनी पेश कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में भारत के शानदार स्मारकों और विश्व धरोहर स्थलों को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही आपको भारतीय स्ट्रीट फूड का स्वाद भी चखने को मिलेगा। यहां चाय, समोसा और उत्तर भारत व दक्षिण भारत की अलग-अलग तरह की चाट परोसी जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "तो इस शनिवार शाम जरूर आइए और भारत का अनुभव कीजिए। यहां संगीत होगा, एक फैशन शो होगा जिसमें अज़रबैजान के स्थानीय प्रतिभागी भारतीय परिधान पहनेंगे। इसके अलावा रंगारंग संगीत और नृत्य कार्यक्रम भी होंगे।"
यूनेस्को के अनुसार, भारत के कुल 44 स्थल विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। इनमें 36 सांस्कृतिक धरोहर स्थल हैं, सात प्राकृतिक धरोहर स्थल हैं और एम ऐसा स्थल है जिसे सांस्कृतिक और प्राकृतिक दोनों श्रेणियों में रखा गया है।
विश्व धरोहर स्थल वह जगह या क्षेत्र होता है जिसे यूनेस्को की ओर से उसके सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक या किसी अन्य विशेष महत्व के कारण अंतरराष्ट्रीय संरक्षण दिया जाता है। ऐसे स्थलों को इसलिए चुना जाता है क्योंकि उन्हें पूरी मानवता के लिए बेहद महत्वपूर्ण और अनमोल विरासत माना जाता है।
भारत में सबसे पहले 1983 में आगरा किला विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। उसी साल ताजमहल, एलोरा की गुफाएं और अजंता की गुफाएं भी विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल की गई थीं।
--आईएएनएस
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