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गौ संरक्षण के लिए लखनऊ तक पदयात्रा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, जनता से की अपील

वाराणसी, 1 मार्च (आईएएनएस)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को एक बार फिर से यूपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गायों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर योगी आदित्यनाथ की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। हम 11 मार्च को लखनऊ तक मार्च निकालने वाले हैं।
गौ संरक्षण के लिए लखनऊ तक पदयात्रा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, जनता से की अपील

वाराणसी, 1 मार्च (आईएएनएस)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को एक बार फिर से यूपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गायों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर योगी आदित्यनाथ की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। हम 11 मार्च को लखनऊ तक मार्च निकालने वाले हैं।

वाराणसी में पत्रकारों से बात करते हुए शंकराचार्य ने कहा, “गौ सुरक्षा को लेकर हमें योगी आदित्यनाथ की तरफ से कोई संदेश नहीं मिला है और न ही ऐसा कोई संकेत मिला है कि वह गोमाता के लिए कुछ करने की स्थिति में हैं। ऐसी स्थिति में हम 11 मार्च को लखनऊ पहुंचने वाले हैं। अभी 10 दिन बाकी हैं। अगर आप कुछ कर सकते हैं, तो कीजिए।”

उन्होंनेकहा कि 6 मार्च को उनके अनुयायी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाएंगे। उन्होंने शिवाजी महाराज को गाय और ब्राह्मणों का रक्षक बताया।

गाय की रक्षा के धार्मिक महत्व पर जोर देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन परंपरा में ब्राह्मण और गाय को अलग नहीं माना जाता। दोनों एक हैं। ब्राह्मण और गाय एक ही परंपरा से जुड़े हैं। यज्ञ दोनों के मिलने से पूरा होता है। ब्राह्मण मंत्र पढ़ता है और गाय घी देती है, जिससे हवन संभव होता है। जब ब्राह्मण और गाय साथ आते हैं, तभी सनातन धर्म का यज्ञ आगे बढ़ता है।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “हम कोई ऐसा संगठन नहीं हैं जो लोगों को बताए कि कहां से कितने लोग आएं। हमारे पास बस, गाड़ी, ट्रैक्टर, भोजन या किसी और चीज की व्यवस्था नहीं है। हम सिर्फ सच्ची अपील कर रहे हैं। जो भी व्यक्ति अपने खर्च पर गोमाता के लिए आना चाहता है, वह आए।”

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि जब पुलिस के साथ विवाद हुआ तो उनका कोई भी आदमी हमारे साथ आकर खड़ा नहीं हुआ। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग खड़े हुए, तो हम उनकी आलोचना कैसे करें? यह स्थिति क्यों आई, सबसे बड़ा सवाल तो यही है।

ईरान और इजरायल के युद्ध पर उन्होंने कहा कि युद्ध तो होते रहते हैं। कभी अस्त्र-शस्त्र से होते हैं तो कभी शक्ति संतुलन के नाम पर होते हैं। हर देश एक-दूसरे के विरुद्ध योजनाएं बनाता रहता है। कहीं युद्ध चल रहा है तो इसका मतलब यह तो नहीं है कि हम धर्म की रक्षा की बात ही न करें, गौहत्या पर बात न करें।

उन्होंने कहा कि जो भी लोग युद्ध में फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के लिए सरकार को मदद करनी चाहिए। यह युद्ध इसलिए हो रहा है, क्योंकि धर्मयुद्ध होने बंद हो गए हैं। धर्म के नाम पर पाखंड बंद होगा, तभी युद्ध खत्म होंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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