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आने वाले महीनों में ऑस्ट्रेलिया की तेल आपूर्ति और मुश्किल होगी : पीएम अल्बनीज

कैनबरा, 27 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल में जारी हमलों की वजह से जो तनाव पैदा हुआ है, उसने तेल और गैस को लेकर दुनिया के तमाम देशों की चिंता बढ़ा दी है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शुक्रवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया की फ्यूल सप्लाई शॉर्ट टर्म में अच्छी लग रही है लेकिन आने वाले महीनों में यह और मुश्किल हो जाएगी।
आने वाले महीनों में ऑस्ट्रेलिया की तेल आपूर्ति और मुश्किल होगी : पीएम अल्बनीज

कैनबरा, 27 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल में जारी हमलों की वजह से जो तनाव पैदा हुआ है, उसने तेल और गैस को लेकर दुनिया के तमाम देशों की चिंता बढ़ा दी है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शुक्रवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया की फ्यूल सप्लाई शॉर्ट टर्म में अच्छी लग रही है लेकिन आने वाले महीनों में यह और मुश्किल हो जाएगी।

देश में बढ़ते फ्यूल संकट पर कैनबरा में पार्लियामेंट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए पीएम अल्बनीज ने कहा कि सरकार सबसे मजबूत योजना बनाने के लिए रात-दिन काम कर रही है और जो भी हो सकता है उसके लिए पूरी तरह तैयार है।

अल्बनीज ने मलेशिया और बड़े आसियान इलाके के साथ अपने सकारात्मक संबंधों का जिक्र किया। बता दें, मलेशिया ऑस्ट्रेलिया को तेल का एक अहम सप्लायर है।

जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और तेल की सप्लाई वैसी ही बनी हुई है। बोवेन ने कहा, "सरकार ने हमेशा माना है कि क्षेत्रीय ऑस्ट्रेलिया में असली और स्वीकार ना की जा सकने वाली कमी है क्योंकि डिमांड बहुत बढ़ गई है और उस मजबूत घरेलू सप्लाई में समय लगा है।"

अल्बनीज तेल के संकट की स्थिति को लेकर चर्चा करने के लिए सोमवार को एक नेशनल कैबिनेट मीटिंग भी बुलाएंगे। इससे पहले दिन में, विपक्ष के नेता एंगस टेलर ने सरकार से तीन महीने के लिए फ्यूल एक्साइज को अस्थायी तौर पर आधा करने की मांग की थी।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने बुधवार को माना कि देश भर के करीब 470 सर्विस स्टेशनों में कम से कम एक तरह का फ्यूल खत्म हो गया है।

इससे पहले 24 मार्च को, ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) ने रिपोर्ट किया था कि ऑस्ट्रेलिया में अब सिर्फ दो घरेलू रिफाइनरियां चल रही हैं, जबकि इसका 80 फीसदी से ज्यादा पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल इंपोर्ट किया जाता है, जिसमें से लगभग सारा एशिया से आता है।

एबीसी ने यह भी बताया था कि एशियाई रिफाइनर जो कच्चा तेल इस्तेमाल करते हैं, उसका ज्यादातर हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है और इसे मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भेजा जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया था कि ग्लोबल तेल बाजार में सप्लाई में भारी रुकावट आ रही है और बाजार अभी भी इस झटके के समय और नुकसान को कम आंक रहे हैं।

इसमें कहा गया था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल भी जाता है, तो शिपिंग बीमा जल्दी ठीक नहीं हो पाएगा, जिसका मतलब है कि ग्लोबल और ऑस्ट्रेलियाई दोनों अर्थव्यवस्थाओं पर इसका असर और खराब हो सकता है।

--आईएएनएस

केके/पीएम

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