एससीबी आग्निकांड पर ओडिशा विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने जवाबदेही तय करने की मांग की
भुवनेश्वर, 19 मार्च (आईएएनएस)। ओडिशा विधानसभा में एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कटक में 16 मार्च को हुए भीषण आग हादसे को लेकर तीसरे दिन भी जबरदस्त हंगामा जारी रहा। बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस के विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित कर दी।
गुरुवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य पोस्टर और बैनर लेकर स्पीकर के पोडियम के पास पहुंच गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण प्रश्नकाल शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद स्पीकर को सदन की कार्यवाही 11:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद शून्यकाल में भी विरोध जारी रहा, जिससे सदन सुचारू रूप से नहीं चल सका।
स्पीकर ने गतिरोध खत्म करने और सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई, लेकिन यह बैठक भी बेनतीजा रही।
बीजेडी विधायक सारदा प्रसन्ना जेना ने कहा कि एससीबी आगकांड में जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में 13 लोगों की मौत और कई के घायल होने के बावजूद सरकार उचित कार्रवाई करने में विफल रही है।
जेना ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की और मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग उठाई। उनका आरोप है कि राज्य सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया है।
वहीं, बीजेडी की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यकाल में एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया था और अस्पताल मालिक को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन इस बार इतने बड़े हादसे के बावजूद मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री पद नहीं छोड़ रहे हैं।
उधर, भाजपा विधायक मनोरंजन ध्यान सामंतरा ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए विपक्ष से सदन के भीतर रचनात्मक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और अब तक चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
सामंतरा ने कहा कि प्रशासन चरणबद्ध तरीके से खामियों को दूर करने और व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठा रहा है। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 25 वर्षों के शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया गया होता, तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे सदन में अपनी बात रखें और रचनात्मक भूमिका निभाएं।
--आईएएनएस
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