सीएम सरमा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा पर निशाना साधा, बोले- असम के वोटर 'बाहरी' को पसंद नहीं करते
गुवाहाटी, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएस) को असम में चुनावी समर्थन मिलने की संभावना कम है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के वोटरों की क्षेत्रीय भावनाएं किसी 'बाहरी' राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं होंगी।
दुलियाजान में एक चुनावी अभियान के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इस पार्टी की पहचान असम के लोगों से मेल नहीं खाती।
उन्होंने कहा कि असम के लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा को वोट नहीं देंगे। अगर इसका नाम 'असम मुक्ति मोर्चा' होता, तो बात कुछ और होती। यह टिप्पणी उन्होंने राज्य में इस पार्टी की मौजूदगी पर तंज कसते हुए की।
उन्होंने कहा कि गायक को चाहने वाले लोगों की 'दो श्रेणियां' हैं, एक वे जो संगीत और संस्कृति में उनके योगदान की सच्ची सराहना करते हैं, और दूसरे वे जो उन्हें राजनीतिक नजरिए से देखते हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह अपने घोषणापत्र से जुबीन गर्ग के लिए 'न्याय' से जुड़े संदर्भों को हटा दे, और इस कदम को अनुचित और असंवेदनशील बताया।
ये टिप्पणियां असम विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच आई हैं, जिसमें राजनीतिक दल अपने चुनावी मुद्दों को धार दे रहे हैं और वैचारिक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विरोधियों को निशाना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि भाजपा आगामी चुनाव में मजबूत जनादेश हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने इसके लिए पार्टी के विकास एजेंडे और जमीनी स्तर के वोटरों के साथ उसके जुड़ाव का हवाला दिया।
पूरे असम में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय, दोनों तरह के कई दल चुनाव से पहले प्रमुख विधानसभा सीटों पर वोटरों को प्रभावित करने के लिए अपने चुनावी अभियानों को तेज कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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