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नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों को राहत : असम और बिहार सरकार ने वापस लिए केस, गिरफ्तार लोगों की होगी रिहाई

नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों को राहत : असम और बिहार सरकार ने वापस लिए केस, गिरफ्तार लोगों की होगी रिहाई
नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों को राहत : असम और बिहार सरकार ने वापस लिए केस, गिरफ्तार लोगों की होगी रिहाई

दिसपुर/पटना, 28 जुलाई (आईएएनएस)। नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर असम और बिहार सरकार ने ऐलान किया है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा और गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा।

असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग की ओर से रविवार को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक राज्य में नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में कुल पांच मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

सरकार ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों की परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद और परीक्षा व्यवस्था तथा उच्च शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने और सुधारों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सरकारी आदेश के मुताबिक, असम पुलिस किसी भी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल या दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी, जो इन दर्ज मामलों के तहत हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल था। साथ ही, सभी दर्ज मामलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द वापस लेने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, चाहे मामला किसी भी कानूनी चरण में क्यों न हो।

इसके अलावा, इन मामलों में हुई सभी गिरफ्तारियों और हिरासत की समीक्षा करने तथा गिरफ्तार लोगों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी और इस पूरे मामले को बंद माना जाएगा।

इसी तरह बिहार सरकार ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदर्शनकारियों को राहत देने का ऐलान किया। सरकार ने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही की मांग को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

बिहार सरकार के अनुसार, 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले राज्य के किसी भी हिस्से में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस अवधि तक दर्ज सभी एफआईआर, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।

सरकार ने यह भी घोषणा की कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले दर्ज सभी मामलों में गिरफ्तार और निरुद्ध लोगों को शीघ्र रिहा किया जाएगा। साथ ही, इन मामलों में नामित व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी किसी प्रकार की प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं होगी।

नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

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