असम में 40,000 से ज्यादा स्कूलों में 'ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम' शुरू : सीएम हिमंता
गुवाहाटी, 22 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार 'ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम' (ओवीईपी) के जरिए न सिर्फ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन पर ध्यान दे रही है, बल्कि छात्रों में अनुशासन, टीम वर्क और जीवन से जुड़े कौशल भी विकसित कर रही है। यह प्रोग्राम राज्य के 40,000 से ज्यादा स्कूलों में लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में शिक्षा प्रणाली में ओलंपिक मूल्यों को शामिल करने के राज्य सरकार के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने लिखा कि इस पहल का मकसद ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो क्लासरूम के अंदर और बाहर, दोनों जगह बेहतर प्रदर्शन कर सके।
मुख्यमंत्री ने लिखा, "पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के अलावा, हम अपने छात्रों में अनुशासन और टीमवर्क को बढ़ावा देने को प्राथमिकता देते हैं। 'ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम' के जरिए हम असम के 40,000 से ज्यादा स्कूलों तक ये सीख पहुंचा रहे हैं और ऐसी पीढ़ी तैयार कर रहे हैं जो क्लासरूम के अंदर और बाहर, दोनों जगह कामयाबी हासिल करने के लिए तैयार हो।"
सीएम सरमा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रोग्राम असम के सभी 35 जिलों में शुरू किया जा रहा है और इसका मकसद स्कूली बच्चों के बीच ओलंपिक आंदोलन के मुख्य मूल्यों को बढ़ावा देना है। यह पहल स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करने, पढ़ाई पर ध्यान बेहतर करने, सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने और छात्रों में जरूरी जीवन कौशल विकसित करने पर केंद्रित है। इसका मकसद शिक्षकों को ऐसे टूल और तरीके देकर सशक्त बनाना भी है, जिनसे वे क्लासरूम की पढ़ाई में मूल्यों पर आधारित शिक्षा को शामिल कर सकें।
यह प्रोग्राम असम सरकार के समग्र शिक्षा के विजन का हिस्सा है, जो पढ़ाई-लिखाई में कामयाबी के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी जोर देता है। अधिकारियों का मानना है कि उत्कृष्टता, दोस्ती, सम्मान, दृढ़ता और टीमवर्क जैसे ओलंपिक आदर्शों से परिचित होने पर छात्रों में नेतृत्व के गुण और जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित हो सकती है।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि स्कूल के पाठ्यक्रम में ऐसे सिद्धांतों को शामिल करने से युवा शिक्षार्थियों के समग्र विकास में मदद मिलेगी। 'ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम' को इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी ने खेल और शिक्षा के जरिए युवाओं को प्रेरित करने के एक साधन के तौर पर दुनिया भर में बढ़ावा दिया है।
असम में इस पहल को बड़े पैमाने पर लागू करने से राज्य के उन प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिनका मकसद सकारात्मक सीखने का माहौल बनाना और साथ ही छात्रों में शारीरिक गतिविधि, सामाजिक एकजुटता और व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करना है।
सीएम हिमंता ने कहा कि यह प्रोग्राम असम की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत वह पढ़ाई-लिखाई को मूल्यों पर आधारित शिक्षा और जीवन कौशल विकास के साथ जोड़कर भविष्य की पीढ़ियों को सफलता के लिए तैयार कर रहा है।
--आईएएनएस
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