असम उच्च शिक्षा परिषद संस्थानों को देगा नई मजबूती, राज्य के छात्रों को भी मिलेगी बेहतर शिक्षा
गुवाहाटी, 14 अगस्त (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उनके मुताबिक, हम राज्य में शिक्षा प्रणाली को प्रस्तावित ‘असम उच्च शिक्षा परिषद’ के तहत संगठित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम रहे हैं।
सीएम सरमा ने कहा कि परिषद उच्च शिक्षा प्रणाली को संचालित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करेगा कि हमारे संस्थान मजबूती और सुनियोजित तरीके से संचालित हो।
प्रस्तावित परिषद की अहमियत को रेखांकित करते हुए सीएम सरमा ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर किए पोस्ट में कहा कि अब तक हमने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम किया है। अब हम एक ऐसी प्रणाली को विकसित करने का काम कर रहे हैं, जो आगे चलकर इसे संचालित करने की दिशा में अहम योगदान दे सके।
सीएम सरमा के मुताबिक, असम राज्य उच्च शिक्षा परिषद राज्य में उच्च शिक्षा को विकसित और व्यवस्थित करने के लिए जल्द ही पूरी रूपरेखा प्रदान करने वाली है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी प्रणाली बनाना है, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान हो सके। इसके अलावा, इसका मुख्य मकसद यह है कि संस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके, ताकि शैक्षणिक परिणाम बेहतर हो सके।
राज्य सरकार की ओर से मौजूदा समय में शैक्षणिक ढांचों को मजबूत और सुदृढ करने की दिशा में राज्यभर में काम किया जा रहा है। जिसमें उच्च शिक्षा को सुदृढ़ और विकसित करने के जैसे विषय भी शामिल हैं। इस प्रस्तावित परिषद को प्रस्तुत करने के पीछे मुख्य मकसद यह है कि इस तंत्र में सुधार किया जा सके।
सीएम सरमा के मुताबिक, नई संस्थागत फ्रैमवर्क के तहत उच्च शिक्षा प्रणाली को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाकर सभी छात्रों को फायदा पहुंचेगा। यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है, जब उच्च शिक्षा प्रणाली को सुदृढ करने की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है, शैक्षणिक मानकों को बेहतर बनाया जा रहा है और राज्यभर में छात्रों के लिए बेहतर अवसर सृजित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
यह काउंसिल आगामी दिनों में छात्रों को संस्थागत और सुनियोजित मंच भी प्रदान कर रही है। इस काउंसिल का मुख्य उद्देश्य यही है कि कैसे भी करके उच्च शिक्षा संस्था की गुणवत्ता और कुशलता में सुधार किया जा सके।
असम सरकार ने हाल कुछ वर्षों में शिक्षा और कौशल विकास जैसे विषयों को अपने विकास के एजेंडे में शामिल किया है। इस पहल को संस्थागत तंत्र के साथ पारंपरिक संस्थाओं की तरफ बढ़ने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य राज्य में पहले से ही बनाई जा चुकी प्रणाली को संचालित करने की दिशा में एक व्यवस्था तैयार करना है और इस दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं।
इन्हीं सब स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस परिषद को असम के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत तंत्र के रूप में देखा जा रहा है।
--आईएएनएस
एसएचके/पीएम

