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असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई, 3.49 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन टैबलेट्स के साथ तस्कर गिरफ्तार

असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई, 3.49 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन टैबलेट्स के साथ तस्कर गिरफ्तार
असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई, 3.49 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन टैबलेट्स के साथ तस्कर गिरफ्तार

सिलचर, 3 नवंबर (आईएएनएस)। असम राइफल्स ने कछार जिले में 3.49 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन गोलियां जब्त की हैं। इसके साथ ही एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को भी गिरफ्तार किया है।

रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के तहत असम राइफल्स ने असम पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया।

इस दौरान कछार जिले में सिलचर बाईपास रोड पर एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को पकड़ा गया और उससे लगभग 3.49 करोड़ रुपए मूल्य की 1.363 किलो मेथामफेटामाइन गोलियां जब्त की गईं। इसके साथ ही पकड़े गए व्यक्ति के पास से एक स्कूटी और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

गिरफ्तार आरोपी को बरामद नशीले पदार्थों और अन्य जब्त की गई चीजों के साथ आगे की जांच और 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985' के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए असम पुलिस को सौंप दिया गया।

मेथामफेटामाइन की इन गोलियों को आमतौर पर 'याबा' या 'पार्टी टैबलेट' के नाम से जाना जाता है। इनमें मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है और इन्हें अक्सर 'क्रेजी ड्रग' भी कहा जाता है।

भारत में प्रतिबंधित ये सिंथेटिक ड्रग्स बहुत अधिक लत लगाने वाली होती हैं। ये उन प्रमुख नशीले पदार्थों में शामिल हैं, जिनकी पड़ोसी देश म्यांमार से पूर्वोत्तर भारत में तस्करी की जाती है।

दो दिन पहले 1 नवंबर को भी असम राइफल्स ने कछार जिले के ढोलाई बाजार में लगभग 40 करोड़ रुपए मूल्य की 20 किलोग्राम 'क्रिस्टल मेथामफेटामाइन' (एक तरह का नशीला पदार्थ) की एक बड़ी खेप जब्त की थी। यह जब्ती दक्षिणी असम में असम राइफल्स और सिलचर स्थित डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरई) के एक संयुक्त अभियान के दौरान की गई।

इसे क्षेत्र में 'क्रिस्टल मेथामफेटामाइन' की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। लगातार हुई इन बरामदगियों से पता चलता है कि सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​इस क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

मिजोरम और मणिपुर पूर्वोत्तर में ड्रग्स तस्करी के प्रमुख कॉरिडोर बनकर उभरे हैं। इसका मुख्य कारण म्यांमार के साथ इनकी लंबी और खुली अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हैं। साथ ही इनका 'गोल्डन ट्रायंगल' के करीब होना भी है, जो दुनिया में अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादन के प्रमुख केंद्रों में से एक है।

--आईएएनएस

ओपी/एबीएम

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