दिमासा भाषा के संरक्षण के लिए असम सरकार का बड़ा कदम, मंत्रियों का पैनल गठित
गुवाहाटी, 24 सितंबर (आईएएनएस)। असम सरकार ने दिमासा भाषा के संरक्षण, प्रचार और विकास से संबंधित सिफारिशों की जांच के लिए दो सदस्यीय मंत्रियों के समूह का गठन किया है।
यह कदम असम सरकार, दिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (डीएनएलए) और दिमासा पीपल्स सुप्रीम काउंसिल (डीपीएससी) के बीच 2023 में हुए समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा करने का हिस्सा है।
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, मंत्रियों का समूह उस रिपोर्ट की जांच करेगा, जिसे दिमासा भाषा से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए बनाई गई एक समिति ने सौंपा है। यह 2023 के समझौते की धारा 5.1 के तहत किया जा रहा है।
दो सदस्यों वाले इस पैनल में असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू और पहाड़ी क्षेत्रों के मंत्री कृष्णेंदु पॉल शामिल हैं। मंत्रियों को समिति की रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों का अध्ययन करने और दिमासा भाषा के संरक्षण, प्रचार और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करने का काम सौंपा गया है।
रिपोर्ट की जांच के बाद मंत्रियों का समूह आगे की जरूरी कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा। आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि यह पैनल खास तौर पर दिमासा भाषा के संरक्षण, प्रचार और विकास से जुड़े मामलों के लिए बनाई गई समिति की रिपोर्ट की जांच करने के लिए बनाया गया था।
पहाड़ी क्षेत्र विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह समिति की सिफारिशों पर विचार-विमर्श और जांच के दौरान मंत्रियों के समूह को जरूरी सेक्रेटेरियल सहायता प्रदान करे।
दिमासा भाषा मुख्य रूप से असम के पहाड़ी जिलों और आसपास के इलाकों में दिमासा समुदाय द्वारा बोली जाती है। स्थानीय भाषाओं के संरक्षण और विकास से जुड़े मुद्दे इस क्षेत्र में सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मजबूत करने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं।
संभावना जताई गई है कि मंत्रियों का पैनल राज्य सरकार के सामने अपनी राय रखने से पहले सिफारिशों की विस्तार से जांच करेगा, जिसके बाद सरकार इस मामले पर आगे के फैसले लेगी।
--आईएएनएस
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