'धार्मिक प्रथाओं में दखल देने वाला कानून स्वीकार नहीं', यूसीसी पर असम कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा
गुवाहाटी, 20 मई (आईएएनएस)। असम कांग्रेस के विधायक नुरुल हुदा ने बुधवार को प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी धर्म की परंपराओं, रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप करने वाले कानून का उनकी पार्टी विरोध करेगी।
पत्रकारों से बातचीत में हुदा ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले यूसीसी विधेयक समेत विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस विधायक दल जल्द बैठक करेगा। उन्होंने बताया कि इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पर्यवेक्षक भी शामिल हो सकते हैं, जहां सभी विधायक मिलकर विधानसभा के भीतर पार्टी की रणनीति तय करेंगे।
उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सभी कांग्रेस विधायकों के साथ चर्चा करेगा और सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाएगा। नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम सभी उसे स्वीकार करेंगे।”
यूसीसी को लेकर हुदा ने कहा कि सरकार के पास विधेयक पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल हो सकता है, लेकिन विपक्ष उन प्रावधानों का विरोध करता रहेगा जो धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार यूसीसी ला सकती है, लेकिन हम उनके प्रस्ताव का विरोध करते हैं। हर धर्म की अपनी परंपराएं, नियम और धार्मिक प्रथाएं होती हैं। यदि कोई कानून उन धार्मिक सिद्धांतों को आहत करता है, तो स्वाभाविक रूप से उसका विरोध होगा।”
हुदा ने लोगों को भाषा या जातीय पहचान के आधार पर बांटने की कोशिशों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, “लोग पूछते हैं कि कौन असमिया मुस्लिम है, कौन बंगाली या नेपाली। हम असम की धरती पर जन्मे हैं और असम के ही बच्चे हैं। लोगों को हमें असमिया के रूप में स्वीकार करना चाहिए।”
कांग्रेस विधायक ने राज्य सरकार पर महंगाई नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सरकार आम लोगों की समस्याओं से कट गई है और केवल सत्ता बचाने पर ध्यान दे रही है।
हुदा ने कहा, “जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में नाकाम रही है। लोगों ने उम्मीदों के साथ वोट दिया था, लेकिन अब सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।”
गौरतलब है कि असम सरकार ने संकेत दिए हैं कि नवगठित विधानसभा के पहले सत्र में यूसीसी विधेयक पेश किया जा सकता है। गुरुवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
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