कानून-व्यवस्था में सुधार के बाद पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती घटाई गई
कोलकाता, 18 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार को देखते हुए राज्य में तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या में बड़ी कटौती की है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती 500 कंपनियों से घटाकर अब 150 कंपनियां कर दी गई है।
विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद केंद्र ने चरणबद्ध तरीके से 500 कंपनियां तैनात की थीं। इन बलों को चुनावी ड्यूटी के अलावा विश्वास बहाली, रूट मार्च और संवेदनशील इलाकों में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए चुनाव समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखी गई थी। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार सरकार बदलने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार आया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस प्रशासन को शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना पर सख्त कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता दी है।
सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए केंद्र सरकार ने केंद्रीय बलों की तैनाती कम करने का फैसला किया। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब राज्य में केवल 150 कंपनियां ही तैनात रहेंगी।
राज्य सचिवालय नबन्ना से जुड़े सूत्रों के अनुसार नई तैनाती व्यवस्था लागू कर दी गई है। नबन्ना परिसर में तैनात केंद्रीय बलों को बुधवार को हटा लिया गया। विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित होने के तुरंत बाद राज्य सचिवालय की सुरक्षा के लिए इन बलों को तैनात किया गया था।
नबन्ना में केंद्रीय बलों की तैनाती का उद्देश्य चुनाव बाद सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सचिवालय की सुरक्षा बनाए रखना था। तब से केंद्रीय बलों के जवान परिसर में आने-जाने वाले कर्मचारियों के पहचान पत्र और सामान की जांच कर रहे थे, लेकिन बुधवार सुबह के बाद वे वहां दिखाई नहीं दिए।
इस वर्ष पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुए। अधिकारियों के अनुसार मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा, राजनीतिक हत्याएं, बूथ कब्जाने या व्यापक झड़प जैसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। चुनाव हाल के वर्षों के सबसे शांतिपूर्ण चुनावों में शामिल रहे।
केंद्र सरकार ने मतदान और चुनाव बाद की स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए 500 कंपनियां तैनात की थीं। अब नई सरकार के गठन के बाद कानून-व्यवस्था सामान्य होने पर एहतियात के तौर पर सीमित संख्या में केंद्रीय बलों को रखते हुए अधिकांश कंपनियों को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया है।
--आईएएनएस
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