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अरुणाचल: राज्यपाल ने सीमा क्षेत्रों में सेना की पहलों की सराहना की

ईटानगर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के. टी. परनाइक ने गुरुवार को सीमा क्षेत्रों के समग्र विकास में भारतीय सेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सेना के निरंतर प्रयास समावेशी विकास, सामुदायिक सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर राष्ट्र निर्माण को मजबूती दे रहे हैं।
अरुणाचल: राज्यपाल ने सीमा क्षेत्रों में सेना की पहलों की सराहना की

ईटानगर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के. टी. परनाइक ने गुरुवार को सीमा क्षेत्रों के समग्र विकास में भारतीय सेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सेना के निरंतर प्रयास समावेशी विकास, सामुदायिक सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर राष्ट्र निर्माण को मजबूती दे रहे हैं।

लोक भवन के एक अधिकारी के अनुसार, राज्यपाल ने दिन में तवांग जिले के जेमीथांग स्थित ‘बॉर्डर ब्रू कैफे’ का दौरा किया।

राज्यपाल ने इस पहल को सीमावर्ती क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी और उद्यमिता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना द्वारा सीमा क्षेत्रों के गांवों और बस्तियों के समावेशी विकास के लिए किया जा रहा सहयोग स्थानीय लोगों में आत्मनिर्भरता और सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे सामुदायिक प्रयास दूरदराज के सीमावर्ती गांवों को जीवंत आर्थिक केंद्रों में बदलने की क्षमता रखते हैं, साथ ही सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को भी बनाए रखते हैं।

अपने अनुभव साझा करते हुए, लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने, जिन्होंने सिक्किम के नाथूला में ‘कैफे 1400 फीट’ की स्थापना की थी, इस तरह की पहलों में स्थानीय युवाओं की अधिक भागीदारी बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने पारंपरिक परिधानों को बढ़ावा देने, स्थानीय स्मृति चिन्ह विकसित करने और फोटोग्राफी के लिए विशेष स्थान बनाने की भी सिफारिश की, ताकि पर्यटकों की रुचि बढ़े और क्षेत्रीय पहचान को बेहतर तरीके से प्रदर्शित किया जा सके।

2 मराठा लाइट इन्फैंट्री के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रोहन खिस्ती ने बताया कि यह कैफे ‘बाप तेंग कान महिला स्वयं सहायता समूह’ द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत 5 माउंटेन डिवीजन द्वारा स्थापित की गई है।

यह कैफे सीमा क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को स्थायी आजीविका प्रदान करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती इलाकों में जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास और सामुदायिक मजबूती की संभावनाओं को भी दर्शाता है।

‘ऑपरेशन सद्भावना’ भारतीय सेना का एक दीर्घकालिक नागरिक सहायता कार्यक्रम है, जो मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में संचालित होता है। इस पहल के तहत शिक्षा (आर्मी गुडविल स्कूल), स्वास्थ्य सेवाएं (मेडिकल कैंप), बुनियादी ढांचा विकास (पानी, बिजली, सड़क) और महिलाओं व युवाओं के सशक्तिकरण के लिए कौशल प्रशिक्षण जैसे कार्य किए जाते हैं। इसका उद्देश्य लोगों के बीच विश्वास बढ़ाना और राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करना है।

--आईएएनएस

डीएससी

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