Samachar Nama
×

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में बंद का मिलाजुला असर: कार्यालय खुले रहे, दुकानें बंद रहीं

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में बंद का मिलाजुला असर: कार्यालय खुले रहे, दुकानें बंद रहीं
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में बंद का मिलाजुला असर: कार्यालय खुले रहे, दुकानें बंद रहीं

इटानगर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। पीपुल्स राइट्स एक्शन कमेटी (पीआरएसी) द्वारा बुधवार को इटानगर राजधानी क्षेत्र (आईसीआर) में बुलाए गए 12 घंटे के बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। सरकारी कार्यालय खुले रहे, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वाहनों की आवाजाही जारी रही।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बंद शांतिपूर्ण रहा। कानून-व्यवस्था बिगड़ने या किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली। बुधवार सुबह शुरू हुआ और शाम को समाप्त हुआ। यह बंद सियांग, पूर्वी सियांग और ऊपरी सियांग जिलों में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) के खिलाफ 23 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग को लेकर बुलाया गया था।

प्रदर्शनकारी परियोजना क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों की वापसी, ग्राम प्रधानों के निलंबन आदेशों को रद्द करने और प्रस्तावित परियोजना के लिए पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) तैयार करने हेतु सर्वेक्षण गतिविधियों को निलंबित करने की भी मांग कर रहे हैं।

पीआरएसी ने कई जन कल्याणकारी मुद्दे भी उठाए हैं, जिनमें आईसीआर में सड़कों का उचित रखरखाव, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और एम्बुलेंस सेवाओं में सुधार शामिल हैं।

पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर सिविल सचिवालय और लोक भवन सहित संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

इटानगर राजधानी क्षेत्र (नाहरलागुन) के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बंद शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि लगभग 30 प्रदर्शनकारियों ने निरजुली के पास बागे तिनाली से इटानगर के इंदिरा गांधी पार्क की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें तितर-बितर कर दिया।

पुलिस ने आगे बताया कि हालांकि वाहन चलते रहे, लेकिन राजधानी क्षेत्र की सड़कें लगभग सुनसान रहीं।

इस बीच, आदि गालो वेलफेयर सोसाइटी ने बुधवार को ऊपरी सियांग जिले के गेकू से इटानगर की ओर पदयात्रा शुरू की। यह पदयात्रा सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में थी।

प्रदर्शनकारी प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित गांवों में तैनात अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों की तत्काल वापसी की मांग कर रहे हैं। वे हाल ही में हुए बांध विरोधी प्रदर्शनों और झड़पों के संबंध में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों की कानूनी और बिना शर्त रिहाई की भी मांग कर रहे हैं।

ये विरोध प्रदर्शन अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बढ़ते विरोध के बीच हो रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story