Samachar Nama
×

'क्या आप भाजपा से हैं'-दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिजनों की प्रेस कांफ्रेंस पर राहुल गांधी का तीखा हमला

'क्या आप भाजपा से हैं'-दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिजनों की प्रेस कांफ्रेंस पर राहुल गांधी का तीखा हमला
'क्या आप भाजपा से हैं'-दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिजनों की प्रेस कांफ्रेंस पर राहुल गांधी का तीखा हमला

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए छात्र मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवारों की स्थिति से जुड़े एक सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, "क्या आप भाजपा से हैं?"

शुक्रवार को दिन में इससे पहले 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुई झड़पों में घायल हुए दिल्ली पुलिस के कर्मियों के कई परिवारों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने उस दिन की आपबीती और उन कठिन परिस्थितियों का ब्योरा साझा किया, जिनका सामना उन्हें करना पड़ा।

उन्होंने उन लोगों से जवाब भी मांगा जो हिंसा का राजनीतिकरण कर प्रदर्शनकारी समूहों के पक्ष में माहौल बना रहे हैं और अपने परिवारों के लिए न्याय की मांग की।

जब संसद परिसर में एक पत्रकार ने राहुल गांधी से उस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें पुलिसकर्मियों के परिवारों ने अपनी शिकायतें और परेशानियां साझा की थीं, तो राहुल गांधी ने झुंझलाते हुए पूछा, "भैया, क्या आप भाजपा से हैं?"

राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया को दिल्ली पुलिसकर्मियों के प्रति असंवेदनशील और उदासीन माना जा रहा है। इससे पहले पुलिसकर्मियों के परिवारों ने हिंसा में घायल हुए अपने परिजनों की पीड़ा के व्यक्तिगत अनुभव साझा किए थे और सवाल उठाया था कि प्रदर्शनकारियों के पक्ष में उनकी तकलीफों को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि उनमें से कई का कथित रूप से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, 'संसद चलो' मार्च के हिंसक हो जाने के बाद 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिनमें कुछ गंभीर रूप से जख्मी हुए। बताया गया कि प्रदर्शनकारी समूहों की ओर से पथराव और हिंसा हुई तथा उनमें असामाजिक और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्व भी शामिल थे।

20 जुलाई के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक झड़पों में घायल दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवारों द्वारा न्याय की मांग किए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। कांग्रेस और भाजपा इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

एक प्रमुख विपक्षी नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों पर हुई कथित बर्बरता से ध्यान हटाने के लिए पुलिस और छात्रों को आमने-सामने खड़ा करने की साजिश रच रही है। वहीं, भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता को लेकर विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाए।

मीडिया से बातचीत में रविशंकर प्रसाद ने कहा, “पुलिसकर्मियों पर हमला और उन्हें लगी चोटें ऐसा विषय है, जिस पर हमें संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उनके भी परिवार हैं, उनके भी बच्चे हैं और उनके भी मानवाधिकार हैं।”

उन्होंने कहा, “हम युवाओं का सम्मान करते हैं लेकिन यदि ऐसे प्रदर्शनों के पीछे अपराधी तत्व शामिल हैं और वे पुलिसकर्मियों पर हमले में भी शामिल हैं, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।”

--आईएएनएस

पीएम

Share this story