अपराजिता सारंगी की सीएम माझी से अपील, कहा- मेट्रो प्रोजेक्ट रोकने के फैसले पर करें पुनर्विचार
भुवनेश्वर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर भुवनेश्वर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को रोकने के अपने हालिया फैसले पर फिर से सोचने की अपील की।
पत्र में अपराजिता सारंगी ने कहा कि भुवनेश्वर इस समय एक 'टिपिंग पॉइंट' पर पहुंच चुका है। तेजी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम ने शहर की मौजूदा परिवहन व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है।
उन्होंने कहा, "हमारा शहर तेजी से बदल रहा है। ट्रैफिक की समस्या बढ़ रही है और लोगों को बेहतर, टिकाऊ और आधुनिक परिवहन की जरूरत महसूस हो रही है। अब समय आ गया है कि हम एक मजबूत और आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम अपनाएं।"
सारंगी ने मेट्रो रेल को सबसे बेहतर और दीर्घकालिक समाधान बताते हुए कहा कि इससे न सिर्फ भुवनेश्वर बल्कि आसपास के इलाके (कटक, जतनी और खुर्दा) भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मेट्रो सेवा से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, छात्रों, कामकाजी लोगों, व्यापारियों और दिव्यांगजनों को सुरक्षित और आसान यात्रा सुविधा मिलेगी।
भाजपा सांसद ने चेतावनी दी कि अगर इस परियोजना को बंद किया गया तो इसका सीधा असर रोजगार, आर्थिक विकास और योजनाबद्ध शहरी विकास पर पड़ेगा। सारंगी ने लिखा, "मेट्रो प्रोजेक्ट को रोकना मतलब रोजगार के नए अवसरों, आर्थिक गतिविधियों और शहर के समग्र विकास के मौके खो देना है। यह सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भुवनेश्वर को स्मार्ट और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में अहम कदम है।"
अपराजिता सारंगी ने अपने पत्र में कई महत्वपूर्ण आंकड़े और तर्क भी रखे। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर, कटक और खुर्दा की संयुक्त आबादी मेट्रो परियोजना की जरूरत को सही ठहराती है। साथ ही, मेट्रो कनेक्टिविटी से लिंगराज मंदिर, धौली और नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
भाजपा सांसद ने यह भी बताया कि यह परियोजना ओडिशा को निवेश के लिए आकर्षक और भविष्य के लिए तैयार राज्य बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है। अब तक इस पर 274 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है और अगर इसे टाला गया तो आने वाले समय में लागत दो से चार गुना तक बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देशभर में मेट्रो परियोजनाएं सब्सिडी के आधार पर चलती हैं और उन्हें तुरंत मुनाफे के लिए नहीं बनाया जाता।
उन्होंने कहा कि देश के 18 शहरों में मेट्रो सेवा चालू है, 16 शहरों में निर्माण जारी है और 12 शहरों में योजना के स्तर पर काम चल रहा है, जिनमें कई टियर-2 शहर भी शामिल हैं।
सारंगी ने मुख्यमंत्री से 4 अप्रैल को लिए गए कैबिनेट फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने और फंडिंग में मदद दिलाने का भी भरोसा दिया।
--आईएएनएस
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