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आंध्र प्रदेश में फायर विभाग को देश का रोल मॉडल बनाएंगे : सीएम चंद्रबाबू नायडू

अमरावती, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि आंध्र प्रदेश अग्नि एवं आपदा प्रबंधन विभाग को देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श (रोल मॉडल) के रूप में विकसित किया जाएगा।
आंध्र प्रदेश में फायर विभाग को देश का रोल मॉडल बनाएंगे : सीएम चंद्रबाबू नायडू

अमरावती, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि आंध्र प्रदेश अग्नि एवं आपदा प्रबंधन विभाग को देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श (रोल मॉडल) के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने यहां परेड ग्राउंड में हाल ही में शामिल किए गए आधुनिक फायर टेंडर और उपकरणों को हरी झंडी दिखाई।

विभाग के आधुनिकीकरण की पहल के तहत, जिस पर 252.93 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, सरकार ने 33.25 करोड़ रुपए मूल्य के नए वाहन और उपकरण पेश किए हैं।

पहले चरण में, राज्य सरकार ने 18 करोड़ रुपए में 25 आधुनिक फायर टेंडर, 10 करोड़ रुपए में हाई-प्रेशर पंपों से लैस 40 क्विक रिस्पॉन्स वाहन, 2.49 करोड़ रुपए में 50 इन्फ्लेटेबल रबर बोट और 2.08 करोड़ रुपए में 30 ब्रीदिंग अपैरेटस सेट कंप्रेसर खरीदे।

वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की जान बचाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फायर विभाग को आधुनिक उपकरणों और तकनीक से लैस होना चाहिए, ताकि अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने और ऊंची-ऊंची इमारतें बनने से पैदा होने वाली नई चुनौतियों का सामना किया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्य सरकार के फंड, दोनों का सही इस्तेमाल करके विभाग को मजबूत करें, और यह पक्का करें कि वे हर तरह की आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहें।

गृह मंत्री वी. अनिता, स्थानीय विधायक श्रवण कुमार, फायर सर्विसेज के डायरेक्टर जनरल पी. वी. रमना, गृह विभाग के प्रधान सचिव कुमार विश्वजीत और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

इससे पहले, एक समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिजली गिरने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए लोगों को पहले से सचेत करने के लिए सबसे नई तकनीक का इस्तेमाल करें।

उन्होंने कहा कि अलर्ट सिर्फ मोबाइल मैसेज तक ही सीमित नहीं होने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी सक्रिय किया जाना चाहिए, और नेटवर्क-आधारित अलर्ट के जरिए, टावर के किसी खास इलाके में मौजूद लोगों को बिजली गिरने के संभावित खतरों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।

सड़क दुर्घटनाओं के बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने राय दी कि सिर्फ सख्ती से नियम लागू करने के बजाय, बचाव के उपाय भी किए जाने चाहिए। उन्होंने लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि हेलमेट के इस्तेमाल और ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूकता को और मजबूत किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

एससीएच

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