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चंडीगढ़ में 24 घंटे के भीतर दूसरी इमारत गिरी, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

चंडीगढ़ में 24 घंटे के भीतर दूसरी इमारत गिरी, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका
चंडीगढ़ में 24 घंटे के भीतर दूसरी इमारत गिरी, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

चंडीगढ़, 4 जुलाई (आईएएनएस)। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार को एक इमारत ढह गई। हादसे में कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। शहर में 24 घंटे के भीतर इमारत गिरने की यह दूसरी घटना है, जिससे पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जिस इमारत का एक हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल एक कबाड़ कारोबारी (स्क्रैप डीलर) करता था। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इमारत काफी पुरानी थी और इसी कारण यह हादसा हुआ। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में हाल के दिनों में भारी बारिश भी नहीं हुई थी।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और राहत-बचाव अभियान जारी है। मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स की भी मदद ली जा रही है। मौके पर एंबुलेंस तैनात हैं ताकि बचाए गए लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) के सेक्टर-26 स्थित ऑडिटोरियम की छत भी ढह गई थी। हालांकि उस समय ऑडिटोरियम खाली था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।

यह ऑडिटोरियम चुनावों के दौरान मतगणना केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इंजीनियरिंग विभाग ने पहले ही भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया था और इसे खाली करा दिया गया था। विभाग ने संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट के बाद पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) से भी तकनीकी राय मांगी थी और असुरक्षित भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

ताजा हादसे के बाद शहर के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में दशकों पुरानी इमारतों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि कई पुरानी इमारतों का समय-समय पर संरचनात्मक सुरक्षा परीक्षण नहीं कराया गया, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को गिरी इमारत हाल के किसी संरचनात्मक सुरक्षा निरीक्षण के दायरे में नहीं थी, क्योंकि प्रशासन का ध्यान फिलहाल सरकारी भवनों और शैक्षणिक संस्थानों के निरीक्षण पर केंद्रित था। बताया जा रहा है कि इमारत के भूतल पर कबाड़ का सामान रखा जाता था, जबकि ऊपरी मंजिलें कई वर्षों से खाली थीं।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।

--आईएएनएस

डीएससी

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