सीएम स्टालिन पर अन्नामलाई ने साधा निशाना, परिसीमन को लेकर डर फैलाने का लगाया आरोप
चेन्नई, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा नेता के अन्नामलाई ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर निशाना साधा। केंद्र को दी गई उनकी चेतावनी को अनुचित करार देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद जनता के बीच डर पैदा करना है।
अन्नामलाई ने कहा कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्टालिन की चिंताओं को राज्य के लोगों के बीच अनावश्यक आशंका पैदा करने की एक कोशिश बताकर खारिज कर दिया।
ये टिप्पणियां संसद के एक विशेष सत्र से पहले आई हैं, जो 16 अप्रैल से शुरू होने वाला है। इस सत्र के दौरान, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' में संशोधनों और एक प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर चर्चा होने की उम्मीद है, ताकि संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण की व्यवस्था की जा सके।
इससे पहले, स्टालिन ने एक वीडियो संदेश में केंद्र सरकार को आगाह किया था कि वह परिसीमन की प्रक्रिया को इस तरह से आगे न बढ़ाए, जिससे दक्षिणी राज्यों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
उन्होंने कहा था कि यदि तमिलनाडु के हितों से कोई समझौता किया गया या दक्षिणी क्षेत्र को असमान परिणामों का सामना करना पड़ा, तो तमिलनाडु बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेगा। विशेष सत्र के समय पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह सत्र तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के समय ही पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों ने केंद्र के निर्देशों के अनुसार जनसंख्या नियंत्रण के उपाय लागू किए हैं और अब उन्हें इसके परिणामस्वरूप किसी भी तरह के बुरे नतीजों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाया गया, तो राज्य चुप नहीं बैठेगा।
इन टिप्पणियों का जवाब देते हुए अन्नामलाई ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री तमिलनाडु की जनता के मन में फूट डालने और डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि उन्होंने किस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है। यह कहना कि तमिलनाडु 1960 के दशक में वापस चला जाएगा और प्रधानमंत्री को धमकी देना, बिल्कुल भी उचित नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को एक साथ लाने के लिए काफी प्रयास किया है। 1996 से ही यह (महिला आरक्षण का मुद्दा) अटका हुआ था। मौजूदा इंडिया गठबंधन में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेताओं ने हमारी माताओं और बहनों के लिए आरक्षण का विरोध किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2023 से इस पहल को आगे बढ़ाने और सभी को साथ लाकर संसद के दोनों सदनों में इस विधेयक को पारित करवाने का प्रयास किया।
स्टालिन पर निशाना साधते हुए अन्नामलाई ने कहा, "तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को क्या दिक्कत है? हमने कहीं भी यह नहीं कहा कि यह आबादी के आधार पर होने वाली बढ़ोतरी है। हमने हर जगह यही कहा है कि हम सबको साथ लेकर चलेंगे। एक साल पहले कोयंबटूर में गृह मंत्री ने कहा था कि यह आनुपातिक बढ़ोतरी होगी।"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्टालिन के वीडियो पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा भाजपा नेता ने कहा, "हम जो भी बढ़ोतरी करने जा रहे हैं, वह आनुपातिक होगी ताकि किसी को भी नुकसान न हो। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने यह वीडियो जारी करके, भारत के संविधान की जो शपथ ली थी, उसके खिलाफ काम किया है।"
--आईएएनएस
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