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आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र अल नीनो से बुरी तरह प्रभावित

आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र अल नीनो से बुरी तरह प्रभावित
आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र अल नीनो से बुरी तरह प्रभावित

अमरावती, 7 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र अल नीनो के प्रभाव से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके चलते 11 जिलों में मध्यम से लेकर अत्यधिक वर्षा की कमी देखी गई है।

आंध्र प्रदेश की गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून और अल नीनो के प्रभाव की समीक्षा की।

यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के ताडेपल्ली स्थित मुख्यालय में राज्य में वर्षा की कमी और शुष्क मौसम की स्थिति के संबंध में आयोजित की गई।

बैठक में यह पाया गया कि रायलसीमा जिले अल नीनो से बुरी तरह प्रभावित हैं। श्री सत्य साई, अनंतपुर और अन्नामय्या जिलों में अत्यधिक वर्षा की कमी देखी गई, जबकि कुरनूल, नंदीयाल, चित्तूर, कडपा, प्रकाशम, मार्कपुरम, नेल्लोर और तिरुपति जिलों में मध्यम वर्षा की कमी दर्ज की गई।

अनीता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सूखाग्रस्त मंडलों में किसानों को वैकल्पिक फसलों के बारे में जागरूक करें।

मंत्री ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वर्षा की कमी और सूखे की स्थिति, कृषि क्षेत्र पर इसके प्रभाव, पेयजल की उपलब्धता, सूखा राहत उपायों और आपदा प्रबंधन तैयारियों जैसे मुद्दों की व्यापक समीक्षा की।

इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें एपीएसडीएमए के एमडी प्रखर जैन, राज्य पुलिस, अग्निशमन सेवाएं, सेना, नौसेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, कृषि, बागवानी, पशुपालन, ग्रामीण जल आपूर्ति, नगर प्रशासन, पंचायत राज, जल संसाधन, बिजली, सड़क एवं भवन (आर एंड बी) और नागरिक आपूर्ति विभाग शामिल थे।

मंत्री ने अधिकारियों को आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए प्रभावी उपाय लागू करने का निर्देश दिया और इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार का लक्ष्य आपदाओं के कारण होने वाली किसी भी जानमाल की हानि को रोकना है।

उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर चौबीसों घंटे काम करने वाले विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने चाहिए।

उन्होंने विभागों को बाढ़ की चपेट में आने वाले निचले इलाकों से निवासियों को निकालने की योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया। पुनर्वास केंद्रों में भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपाय किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि पीने के पानी और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए और पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ और एपीएसडीआरएफ टीमों को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।

--आईएएनएस

एमएस/

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