आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चक्रवात 'मुरासु' के संभावित प्रभाव की समीक्षा की, दिल्ली यात्रा रद्द की
अमरावती, 1 नवंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश पर एक और चक्रवात के मंडराते खतरे को देखते हुएमुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू ने रविवार को इसके संभावित प्रभाव की समीक्षा की।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य पर चक्रवात के संभावित प्रभाव की समीक्षा की, जिसमें वर्षा और हवा के पूर्वानुमान के साथ-साथ जलाशयों की स्थिति भी शामिल थी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, चक्रवात के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सोमवार को निर्धारित अपनी दिल्ली यात्रा रद्द कर दी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु के तटों के लिए चक्रवात अलर्ट जारी किया, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है।
'मुरासु' नाम दिए गए इस चक्रवात के गंभीर चक्रवात में तब्दील होकर 2-3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है।
2 नवंबर की सुबह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के और तीव्र होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। यह चक्रवात 2 नवंबर की मध्यरात्रि और 3 नवंबर की सुबह के दौरान नेल्लोर और नरसपुर के बीच 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और 120 किमी प्रति घंटे तक के झोंकों के साथ दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में बरती जाने वाली एहतियाती उपायों की समीक्षा की।
2 नवंबर को दक्षिणी और मध्य तटीय जिलों में मध्यम से भारी वर्षा (कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा के साथ) होने की संभावना है। 3 और 4 नवंबर को कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन 20 मंडलों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है, उनमें से 9 एलुरु जिले में, 5 कृष्णा में, 5 एनटीआर में और 1 बापटला जिले में हैं।
3 नवंबर को, जिलेवार औसत वर्षा एलुरु में लगभग 179 मिमी, कृष्णा में 163 मिमी, एनटीआर में 161 मिमी, पश्चिम गोदावरी में 147 मिमी, गुंटूर में 119 मिमी और बापटला में 104 मिमी रहने का अनुमान है।
3 नवंबर को बुडामेरू में लगभग 32,500 क्यूसेक जल प्रवाह की संभावना है। एर्राकलवा, गोनेलावगु, जल्लेरू और पम्पा जैसे जल निकायों में भी भारी बाढ़ आ सकती है।
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, तेज हवाओं से 12 जिलों में 12,102 से 15,128 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को 28 अक्टूबर को आए चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान और राहत कार्यों की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चक्रवात अर्नब से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल होने के बारे में पूछा।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि रविवार रात तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
--आईएएनएस
एमएस/

