आंध्र प्रदेश के विधायक से ऑनलाइन धोखाधड़ी, ठगों ने 12 लाख का लगाया चूना
अमरावती, 22 मार्च (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के एक विधायक को ऑनलाइन धोखाधड़ी में 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर पोलावरम के विधायक चिर्री बलाराजू के साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने यह जानकारी दी।
दरअसल, जन सेना पार्टी (जेएसपी) के एक विधायक को व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला, जिसमें रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) के चालान के नाम पर एक लिंक था। जानकारी के अनुसार, लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लिए गए। जब विधायक को एहसास हुआ कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में जीलुगुमिली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी का पता लगाने और पैसे बरामद करने के लिए जांच चल रही है।
यह आंध्र प्रदेश के किसी विधायक के साइबर क्राइम का शिकार होने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले, पिछले साल अक्टूबर में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के एक विधायक कथित 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले में 1.07 करोड़ रुपए गंवा बैठे थे। साइबर अपराधियों ने वाईएसआर कडप्पा जिले के मैदुकर से विधायक पुट्टा सुधाकर यादव को ठग लिया था। हैदराबाद में रहने वाले विधायक को जब अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है, तो उन्होंने हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
ठगों ने विधायक को मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी के एक मनगढ़ंत मामले में गिरफ्तार करने की धमकी दी थी। उन्होंने विधायक को अंतरिम जमानत दिलाने के बहाने पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। साइबर अपराधियों ने विधायक को बताया कि मुंबई साइबर क्राइम पुलिस ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 17 शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनके नाम पर बैंक अकाउंट खोलने के लिए उनके आधार और सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है।
विधायक के मुताबिक, साइबर क्राइम जांच अधिकारी बनकर एक ठग ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर भी बात की। इस दौरान एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट और सीबीआई का अकाउंट फ्रीज करने का आदेश दिखाया। गिरफ्तारी की धमकी मिलने के बाद विधायक ने अंतरिम जमानत पाने के लिए एक हफ्ते में 9 ट्रांजैक्शन के जरिए 1.07 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद, जब ठगों ने कोर्ट से क्लीन चिट दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपए और मांगे, तो विधायक को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
--आईएएनएस
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