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आंध्र प्रदेश में नशे में धुत युवकों की कार की चपेट में आई मेडिकल छात्रा की मौत

आंध्र प्रदेश में नशे में धुत युवकों की कार की चपेट में आई मेडिकल छात्रा की मौत
आंध्र प्रदेश में नशे में धुत युवकों की कार की चपेट में आई मेडिकल छात्रा की मौत

हैदराबाद, 9 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में 3 अगस्त को एक मॉल के पास नशे में धुत दो युवकों की कार की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुई एक मेडिकल छात्रा की रविवार को हैदराबाद के एक अस्पताल में मौत हो गई।

सिकंदराबाद के केआईएमएस अस्पताल के डॉक्टरों ने पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल की फर्स्ट ईयर की छात्रा के. प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने दोपहर 3.25 बजे अंतिम सांस ली।

तेलंगाना के जोगुलम्बा गडवाल जिले की रहने वाली प्रियंका आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के राजमहेंद्रवरम में जीएसएल मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (एमडी) का कोर्स कर रही थीं।

28 वर्षीय डॉ. प्रियंका 3 अगस्त की रात अपने दोस्त उमेश के साथ स्कूटी से मॉल से बाहर निकल रही थीं, तभी तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।

उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें पहले एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में हैदराबाद रेफर कर दिया गया। तब से वह वेंटिलेटर पर थीं। डॉक्टरों ने उन्हें पहले ही ब्रेन-डेड घोषित कर दिया था।

पोस्टमॉर्टम के बाद, छात्रा के शव को अंतिम संस्कार के लिए गडवाल जिले के एकलासपुर गांव ले जाया जाएगा।

इससे पहले दिन में पुलिस ने बताया था कि सुवारापु दसवांथ और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है।

माना जा रहा है कि ये दोनों युवक शराब के नशे में थे और उन्होंने अपनी कार स्कूटी से टकरा दी।

पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक डी. नरसिम्हा किशोर ने रविवार को मीडिया को बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए पुलिस दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए और सख्त प्रावधान लागू करेगी।

रविवार को महिला डॉक्टर की मौत के बाद पुलिस अब मामले की धारा बदलकर गैर-इरादतन हत्या कर देगी।

पुलिस जांच में पता चला कि मॉल के कर्मचारियों के साथ मारपीट के बाद भागने की कोशिश करते समय आरोपियों ने अपनी कार से स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी थी।

कप्तान ने बताया कि मॉल के स्टाफ ने दसवांथ और जोसेफ को मॉल में घुसने नहीं दिया क्योंकि वे नशे में थे। आरोपियों की स्टाफ से बहस हुई और उन्होंने उनके साथ मारपीट की। जब मॉल के सिक्योरिटी गार्ड्स ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, तो वे भागने लगे। उन्होंने तेजी और लापरवाही से गाड़ी चलाई और मॉल के गेट पर खड़ी स्कूटी को टक्कर मार दी।

मेडिकल स्टूडेंट को कार से कुचलने के बाद आरोपी वहां से भाग गए। घायल प्रियंका को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। पुलिस को रात 10 बजे अस्पताल से इस बारे में जानकारी मिली।

उमेश के बयान के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस कप्तान ने साफ किया कि पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर पुलिस निष्पक्ष रूप से मामले की जांच कर रही है।

इससे पहले, प्रियंका के पिता वेंकटेश पुलिस अधिकारियों से मिले और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मीडिया को बताया कि पुलिस के आश्वासन से उनकी शंकाएं दूर हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस की जांच और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।

--आईएएनएस

एमएस/

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