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बिजली संकट के बीच सतीशन सरकार ने एनटीपीसी से दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति की तैयारी तेज की

बिजली संकट के बीच सतीशन सरकार ने एनटीपीसी से दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति की तैयारी तेज की
बिजली संकट के बीच सतीशन सरकार ने एनटीपीसी से दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति की तैयारी तेज की

तिरुवनंतपुरम, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल में बिजली कटौती को लेकर बढ़ती आलोचना के बीच चार महीने पुरानी यूडीएफ सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त बिजली हासिल करने और राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इस संबंध में नई दिल्ली में एनटीपीसी के साथ कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ बैठक की। केरल में बिजली की कमी उनकी सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गई है। माकपा के नेतृत्व वाला विपक्ष बिजली संकट को लेकर यूडीएफ सरकार पर स्थिति को ठीक से संभालने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है।

सरकार ने अब एनटीपीसी से अतिरिक्त बिजली के साथ-साथ बड़े स्तर पर बैटरी स्टोरेज और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की मांग की है। इसका उद्देश्य राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को पूरा करना और भविष्य में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

बैठक में एक प्रमुख प्रस्ताव कायमकुलम में 2,000 मेगावाट घंटे क्षमता वाली बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) स्थापित करने का रहा। यह परियोजना केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (केएसईबी), एनटीपीसी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की साझेदारी में स्थापित की जाएगी। इसके क्रियान्वयन के लिए तीनों संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने की उम्मीद है।

इसके अलावा पोथेनकोड और श्रीकंडापुरम में दो अन्य बीईएसएस परियोजनाएं मार्च 2027 तक शुरू किए जाने की योजना है। दोनों परियोजनाओं की कुल क्षमता 160 मेगावाट घंटे क्षमता होगी और प्रत्येक की क्षमता 80 मेगावाट घंटे क्षमता होगी।

बैठक में महाराष्ट्र स्थित एनटीपीसी की सिन्नार परियोजना से केरल को 300 मेगावाट तक बिजली उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। यह बिजली 5.18 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध होगी।

सरकार ने कायमकुलम में एनटीपीसी की 27 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत एनटीपीसी से केरल की दीर्घकालिक बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य के लिए एक समर्पित बिजली संयंत्र स्थापित करने पर विचार करने को कहा गया है।

एनटीपीसी ने अपने रामागुंडम बिजली संयंत्र से केरल को आवश्यक बिजली की आपूर्ति के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) करने की इच्छा भी जताई है।

बैठक में केएसईबी की प्रबंधन और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। एनटीपीसी राज्य की बिजली वितरण कंपनी को पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगी। इसमें आधुनिक बिजली प्रबंधन प्रणालियों के इस्तेमाल में सहयोग भी शामिल है।

ये कदम ऐसे समय उठाए गए हैं, जब सतीशन सरकार के लिए राजनीतिक स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। केरल में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच बढ़ते अंतर के कारण बिजली प्रतिबंध और कटौती की स्थिति बनी हुई है।

विपक्ष ने इस संकट को सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। उसका आरोप है कि खराब बिजली प्रबंधन का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और अन्य प्रतिबंधों के रूप में भुगतना पड़ रहा है। हालांकि, सरकार इन एनटीपीसी पहलों को केवल मौजूदा बिजली संकट से निपटने तक सीमित नहीं रखना चाहती। सरकार का कहना है कि अतिरिक्त बिजली खरीद, अक्षय ऊर्जा और बड़े स्तर पर ऊर्जा भंडारण के जरिए राज्य की तत्काल जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को भी पूरा करने की व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।

--आईएएनएस

डीएससी

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