देशभर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य, तेजी से बढ़ाए जा रहे पीएनजी कनेक्शन : केंद्र
नई दिल्ली, 26 (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी रिटेल पेट्रोल पंप सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। सरकार के मुताबिक, देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है।
सरकार ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, कुछ जगहों पर अफवाहों के चलते लोगों ने घबराकर ज्यादा खरीदारी की, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
सरकार ने बताया कि घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी ट्रांसपोर्ट की आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखी जा रही है। वहीं, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक गैस सप्लाई दी जा रही है, ताकि उनका कामकाज प्रभावित न हो और देश की आर्थिक गतिविधियां जारी रहें।
इस बीच, सरकार ने नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026 को अधिसूचित किया है। इसका उद्देश्य पूरे देश में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार को तेज करना है। इस नए फ्रेमवर्क से समयबद्ध तरीके से पाइपलाइन बिछाने में मदद मिलेगी और जमीन से जुड़ी दिक्कतों को भी कम किया जा सकेगा।
पीएनजी कनेक्शन के विस्तार में भी तेजी आई है। एक ही दिन में 110 से ज्यादा भौगोलिक क्षेत्रों में रिकॉर्ड 9,046 नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए। इस काम को बढ़ावा देने के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और 'गेल' जैसी कंपनियां नए प्रोत्साहन दे रही हैं। वहीं, दिल्ली में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 24 घंटे पाइपलाइन बिछाने की अनुमति दे दी है और सड़क मरम्मत शुल्क भी माफ कर दिया है।
प्रक्रिया को और तेज करने के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीईएसओ) को निर्देश दिया गया है कि वे सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) से जुड़े आवेदनों का निपटारा 10 दिनों के भीतर करें। वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने निर्देश दिया है कि आवासीय स्कूल, छात्रावास और सामुदायिक रसोई जैसे स्थानों पर पीएनजी कनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर 5 दिनों में दिए जाएं।
एलपीजी की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इस अतिरिक्त सप्लाई को खासतौर पर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर में प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके अलावा, राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी देने की भी पेशकश की गई है, जो इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी तेजी से उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट कर रहे हैं।
गड़बड़ियों पर सख्ती दिखाते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एक ही दिन में 2,700 से ज्यादा छापेमारी की गई, जिसमें 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए। अब तक 650 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एलपीजी की मांग कम करने के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन भी आवंटित किया गया है। साथ ही, कोयला मंत्रालय ने छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को 31 मार्च के बाद भी 5 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इस पर 1,800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
साथ ही, देश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 'चैलेंज मोड' के तहत 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जिन पर औसतन 100 करोड़ रुपए प्रति एयरपोर्ट खर्च होगा। इसके अलावा, संशोधित उड़ान योजना के तहत 200 आधुनिक हेलिपैड भी विकसित किए जाएंगे।
--आईएएनएस
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