लखनऊ में सपा के पोस्टर पर विवाद, एमएलसी चुनाव जीत का श्रेय शिवपाल यादव को देने पर चर्चा तेज
लखनऊ, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। लखनऊ में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) का एक पोस्टर विवाद का कारण बन गया। पोस्टर में हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों में 11 में से पांच सीटों पर सपा की जीत का श्रेय पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव को दिया गया। इस पोस्टर पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर गायब थी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत पर बधाई देने वाला यह पोस्टर किसी पार्टी कार्यकर्ता ने लगाया था। इस पर "चाचा हैं तो एसपी है" का नारा लिखा था, जो अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के संदर्भ में था।
पोस्टर पर लिखा था, "एमएलसी चुनाव में रिकॉर्ड जीत के लिए हार्दिक बधाई।" हैरानी की बात यह थी कि पोस्टर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का कोई जिक्र नहीं था।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनावों में पांच सीटें जीतने के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने प्रदर्शन को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले जनता के मूड का संकेत बताया और कहा कि ये परिणाम अगले राज्य चुनावों में संभावित परिणामों को दर्शाते हैं।
अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी को महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है, क्योंकि उसने नवीनतम चरण के चुनावों में लड़ी गई 11 विधानसभा परिषद सीटों में से पांच पर जीत हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी ने शेष छह सीटें जीतीं। भाजपा ने चुनाव पूर्व सीटों की संख्या को बरकरार रखा, जबकि समाजवादी पार्टी ने अपनी स्थिति में दो सीटें जोड़कर सुधार किया।
सबसे उल्लेखनीय परिणामों में से एक वाराणसी से आया, जहां समाजवादी पार्टी ने शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की। इस नतीजे पर खास ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र है।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि नतीजों से पता चलता है कि मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने में भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी ने कुछ जगहों पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।
फखरुल हसन चांद ने कहा, "उत्तर प्रदेश में जब मतपत्रों के जरिए चुनाव हुए तो भाजपा हार गई। भाजपा ने मतपत्रों के जरिए हुए चुनावों में मतदान प्रक्रिया को धीमा किया और कुछ जगहों पर उसके कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का दुरुपयोग करते हुए मनमानी करके कुछ सीटों को प्रभावित किया। उन्होंने वाराणसी के नतीजों को रोकने की कोशिश की; हालांकि वे जनता को अपना पक्ष रखने से नहीं रोक पाए।"
हालांकि शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा, "समाजवादी पार्टी को किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। उत्तर प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी के साथ है और भाजपा 2027 के चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।"
--आईएएनएस
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