यूपी चुनाव में धांधली के अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, 'वह पहले ही हार मान चुके हैं'
नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में धांधली की आशंका जताई है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पलटवार करते हुए इसे 2027 के चुनाव से पहले ही उनकी 'हार मान लेने' जैसा बताया है।
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विपक्ष की ओर से अपनी साख बचाने की एक चालाक कोशिश है। अखिलेश यादव को बिहार और पश्चिम बंगाल की तरह यूपी चुनाव में भी धांधली की आशंका है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता, खासकर अखिलेश यादव, ऐसे बयान अपनी साख बचाने के लिए दे रहे हैं क्योंकि उन्हें चुनाव से पहले ही अपनी हार का अहसास हो रहा है।"
इंडिया गठबंधन के दोहरे रवैये पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "जब विपक्ष जीतता है तो वे कहते हैं कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है, लेकिन जब वे हारते हैं या उन्हें लगता है कि उनका राजनीतिक आधार सिकुड़ रहा है या वे लोगों का जनादेश खोने वाले हैं, तो वे अपनी साख बचाने के लिए ऐसी बातें करने लगते हैं।"
राजनीतिक बयानबाजी का यह नया दौर अखिलेश यादव के उस आरोप के बाद शुरू हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से बिहार और बंगाल में चुनावों में धांधली की थी, और अगर उत्तर प्रदेश में भी वैसी ही लूट और बेईमानी हुई, तो भविष्य में कभी चुनाव नहीं हो पाएंगे।
उन्होंने भाजपा पर 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' जैसे कैंपेन लाकर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया और महिला आरक्षण बिल के नाम पर महिला वोटरों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
ब्रजेश पाठक ने अखिलेश के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और सपा के शासनकाल के उस दौर की याद दिलाई जब गुंडे और अपराधी हावी रहते थे। उन्होंने कहा कि लोगों ने पश्चिम बंगाल में भाजपा को भारी बहुमत दिया था, और टीएमसी के सत्ता से हटने के बाद ही जनता का गुस्सा सामने आ रहा है।
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा शासन के दौरान भी यही हाल था। लोगों पर माफिया राज का बोलबाला था और उन्हें बाहुबली नेताओं और गुंडों के रहम-ओ-करम पर छोड़ दिया गया था।"
यूपी में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी ने भी सपा प्रमुख पर पलटवार किया और सपा शासन के 'अंधेरे दौर' की तुलना योगी सरकार के विकास कार्यों से की।
उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी का एकमात्र एजेंडा सीएम योगी के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के विकास कार्यों में बाधा डालना और उत्तर प्रदेश की तरक्की व खुशहाली को रोकना है। यह पार्टी विकास के रास्ते में अड़चनें पैदा करने और राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश करती है।"
मंत्री ने कहा कि भाजपा की डबल-इंजन सरकार ने भ्रष्टाचार-मुक्त और अपराध-मुक्त राज्य देने का संकल्प लिया है इसीलिए विपक्ष, जो हमेशा गैंगस्टरों और गुंडों को बचाता रहा है, बौखलाया हुआ है।
--आईएएनएस
एएसएच/एबीएम

