Samachar Nama
×

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में बढ़ते कर्ज संकट पर चिंता जताई

चंडीगढ़, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंगलवार को पंजाब में बढ़ते कर्ज संकट पर चिंता व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने 1,500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति पर और बोझ डाल दिया है।
शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में बढ़ते कर्ज संकट पर चिंता जताई

चंडीगढ़, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंगलवार को पंजाब में बढ़ते कर्ज संकट पर चिंता व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने 1,500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति पर और बोझ डाल दिया है।

सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए मजीठिया ने दावा किया कि यह नया कर्ज ऐसे समय में लिया गया है, जब राज्य पहले से ही भारी कर्ज में डूबा हुआ है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय अनुशासन पर ध्यान देने या देनदारियों को कम करने के बजाय, सरकार कर्जों पर निर्भर रहना जारी रखे हुए है, जिससे पंजाब और भी गहरे वित्तीय संकट में डूब रहा है।

मजीठिया ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपए के इस कर्ज का इस्तेमाल दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी के नेतृत्व, विशेष रूप से पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए विमानों की सैर और सरकारी विज्ञापनों पर किया जा रहा है।

उन्होंने खर्च की आलोचना करते हुए कहा कि जब प्रमुख क्षेत्र अभी भी संघर्ष कर रहे हैं, तब सार्वजनिक धन को प्रचार-प्रसार या इस तरह की मनोरंजन यात्राओं और विलासिता पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।

किसानों की दुर्दशा पर जोर देते हुए अकाली नेता ने कहा कि सरकार को इन निधियों का उपयोग फसल क्षति और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए करना चाहिए।

उन्होंने तर्क दिया कि तत्काल वित्तीय सहायता समय की आवश्यकता है, विशेष रूप से उन किसानों के लिए जो पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं।

गुजरात में केजरीवाल द्वारा दिए गए हालिया राजनीतिक बयान का जिक्र करते हुए अकाली नेता मजीठिया ने कहा कि दावा किया गया है कि पंजाब के किसानों को बाढ़ से हुए नुकसान के लिए प्रति एकड़ 50,000 रुपए का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ऐसी घोषणा सार्वजनिक रूप से की गई है, तो पंजाब सरकार को इस प्रतिबद्धता को पूरा करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को बिना देरी किए प्रति एकड़ 50,000 रुपए का मुआवजा मिले।

उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ के दौरान किए गए पर्याप्त मुआवजे का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है और सरकार पर अपने आश्वासनों पर खरा न उतरने का आरोप लगाया।

उनके अनुसार, राज्य के बाहर किए गए ऐसे दावे पंजाब की जमीनी हकीकत को नहीं दर्शाते।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags