एआईएडीएमके को बड़ा झटका, पूर्व स्पीकर पी. धनपाल ने पार्टी छोड़ी
चेन्नई, 21 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को गुरुवार को एक और बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए यह फैसला लिया।
धनपाल का यह कदम ऐसे समय आया है जब एआईएडीएमके हालिया विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आंतरिक चुनौतियों और वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी का सामना कर रही है।
पूर्व स्पीकर ने यह घोषणा अपने बेटे डी. लोगेश तमिलसेल्वन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान की। उनके बेटे को टीवीके नीत सरकार में मंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया था।
पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए धनपाल ने कहा कि लंबे समय तक पार्टी से जुड़े रहने के बावजूद उन्हें उचित सम्मान और महत्व नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा, “नेतृत्व ने कई नेताओं की अनदेखी की। आज जनता ने भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया।” इसे पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला माना जा रहा है।
धनपाल ने कहा कि एआईएडीएमके की मौजूदा स्थिति से वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने बताया कि वह पार्टी के शुरुआती दौर से जुड़े रहे और दशकों तक इसके विकास को करीब से देखा।
76 वर्षीय धनपाल तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं और उनका राजनीतिक सफर चार दशक से अधिक लंबा रहा है। वह अक्टूबर 2012 से मई 2021 तक तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर रहे। इसके अलावा उन्होंने आदि-द्रविड़ एवं जनजातीय कल्याण, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली।
धनपाल सात बार तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुने गए थे। वह 1977, 1980, 1984, 2001, 2011, 2016 और 2021 में विधायक बने।
उनका इस्तीफा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले एआईएडीएमके के एक अन्य वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एस. सेम्मलाई भी पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पार्टी के भीतर एकजुटता और नेतृत्व की स्थिरता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
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