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गुजरात: दीपावली से पहले खाद्य कारोबारियों के लिए रैपिड टेस्ट किट अनिवार्य, मिलावट रोकने के लिए लिया गया फैसला

गुजरात: दीपावली से पहले खाद्य कारोबारियों के लिए रैपिड टेस्ट किट अनिवार्य, मिलावट रोकने के लिए लिया गया फैसला
गुजरात: दीपावली से पहले खाद्य कारोबारियों के लिए रैपिड टेस्ट किट अनिवार्य, मिलावट रोकने के लिए लिया गया फैसला

अहमदाबाद, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। दीपावली के त्योहार को देखते हुए अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब मिठाई, मावा और फरसान बेचने वाले ऐसे कारोबारियों को (जिनका वार्षिक कारोबार 5 लाख रुपए से अधिक है) खाद्य पदार्थों की जांच के लिए रैपिड टेस्ट किट रखना अनिवार्य होगा।

यह निर्णय गुरुवार को अहमदाबाद नगर निगम की साप्ताहिक बैठक के बाद स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने घोषित किया।

नगर निगम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि संबंधित व्यापारी इन किटों को उपलब्ध रखें और उनका उपयोग करें। करीब 3,000 रुपए कीमत वाली यह किट प्रारंभिक जांच के दौरान मावे में स्टार्च की मिलावट का पता लगाने में मदद करेगी।

अहमदाबाद नगर निगम का यह कदम हाल के दिनों में मावे के नाम पर नकली और खाने योग्य नहीं होने वाले पदार्थों की बिक्री के मामलों के सामने आने के बाद उठाया गया है।

कमलेश पटेल के अनुसार, अब तक करीब 350 लोगों ने ऐसी किट खरीद ली हैं। इनका उपयोग आम उपभोक्ता भी खाद्य पदार्थों में स्टार्च की मिलावट की प्रारंभिक जांच के लिए कर सकते हैं।

नगर निगम ने अहमदाबाद में पानी की बर्बादी रोकने और अवैध जल कनेक्शन पकड़ने के लिए भी निरीक्षण अभियान तेज करने का फैसला किया है।

विशेष रूप से कार वॉशिंग सेंटर, पेइंग गेस्ट आवास, लॉजिंग और बोर्डिंग जैसे अधिक पानी इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यदि अवैध जल कनेक्शन पाए गए तो उन्हें नियमों के अनुसार काट दिया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पिछले 15 दिनों में अहमदाबाद में हुए दो हादसों, जिनमें एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की घटना भी शामिल है, की जांच कराने का फैसला लिया गया है।

पटेल ने कहा कि जांच में यह देखा जाएगा कि काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

उन्होंने कहा कि केवल ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

अहमदाबाद नगर निगम ने कांकड़िया लेकफ्रंट स्थित किड्स सिटी के आधुनिकीकरण और विस्तार को भी मंजूरी दी है।

यहां बच्चों के लिए नई आकर्षक सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें चॉकलेट फैक्ट्री, स्पेस एक्सप्लोरेशन सेंटर, 'खेलो इंडिया' स्पोर्ट्स अकादमी, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी केंद्र, एयरोडायनमिक्स एवं फ्लाइट साइंस लैब, ड्रोन लैब सेंटर शामिल हैं।

बिजली बचत को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद नगर निगम ने इस बार दीपावली पर सार्वजनिक रोशनी की व्यवस्था सीमित करने का भी निर्णय लिया है।

धनतेरस से लाभ पंचम तक रोशनी केवल सात स्थानों पर की जाएगी, जिनमें साबरमती नदी के छह पुल और भद्रकाली माता मंदिर शामिल हैं।

पिछले वर्षों में ट्रैफिक सर्किल, अंडरपास और सरकारी भवनों सहित कई अन्य स्थानों पर भी रोशनी की जाती थी।

इस बार रोशनी का समय भी रात 7 बजे से सुबह 7 बजे के बजाय शाम 7 बजे से रात 1 बजे तक रहेगा। हालांकि, दीपावली और गुजराती नववर्ष (बेस्टू वरस) की रात रोशनी पूरी रात जारी रहेगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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