कर्नाटक में हुई गंभीर घटनाओं के लिए नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी कौन लेगा: भाजपा
बेंगलुरु, 26 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक में वरिष्ठ भाजपा नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने रविवार को कई मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
आर. अशोक ने कहा कि अगर केंद्रीय मंत्रियों से राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी लेने की उम्मीद की जाती है, तो राज्य सरकारों पर भी यही नियम लागू होने चाहिए।
उन्होंने पूछा, "नीट से जुड़ी घटनाओं के बाद केंद्रीय मंत्रियों ने राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है तो फिर कर्नाटक में हुई गंभीर घटनाओं के लिए नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी कौन लेगा?"
कर्नाटक लोक सेवा आयोग द्वारा वेटनरी अधिकारियों की भर्ती से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए आर. अशोक ने एक ऑडियो क्लिप की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें एक पद के लिए 80 लाख रुपए की डील का संकेत मिलता है। उन्होंने इस मामले की व्यापक, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की।
उन्होंने पूछा, "इन आरोपों के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा? कौन इस्तीफा देगा?"
विपक्ष के नेता ने आईपीएल जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ का मुद्दा भी उठाया, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने सवाल किया कि इस त्रासदी के लिए नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी कौन लेगा और प्रभावित परिवारों को न्याय कब मिलेगा।
आर. अशोक ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हजारों किसानों ने आत्महत्या की और दावा किया कि राज्य में शोषणकारी माइक्रोफाइनेंस प्रथाओं को रोकने में कथित विफलता के कारण कई उधार लेने वालों ने भी अपनी जान दे दी।
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सत्ता का मतलब सिर्फ पद संभालना नहीं है, इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। जब गलतियां होती हैं, तो सरकारों को अधिकारियों पर दोष मढ़ने या दिखावटी जांच करके बचने के बजाय जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि हर मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और शासन में जनता का भरोसा बहाल करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
--आईएएनएस
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