Samachar Nama
×

केरल : विधानसभा में टिप्पणी के बाद मंत्री मुरलीधरन ने 270 करोड़ के मेडिकल ब्लॉक की विजिलेंस जांच मांगी

केरल : विधानसभा में टिप्पणी के बाद मंत्री मुरलीधरन ने 270 करोड़ के मेडिकल ब्लॉक की विजिलेंस जांच मांगी
केरल : विधानसभा में टिप्पणी के बाद मंत्री मुरलीधरन ने 270 करोड़ के मेडिकल ब्लॉक की विजिलेंस जांच मांगी

तिरुवनंतपुरम, 5 नवंबर (आईएएनएस)। केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने, जिन्होंने हाल ही में राज्य विधानसभा में कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के नए खुले सर्जिकल ब्लॉक की छत गिरने को लेकर पिछली वामपंथी सरकार पर तंज कसा था, अब 270 करोड़ रुपए की इस इमारत के निर्माण कार्य की विजिलेंस जांच की मांग की है।

गुरुवार को गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला को लिखे एक पत्र में, मुरलीधरन ने निर्माण में कथित अनियमितताओं, तकनीकी खामियों, काम और निगरानी में लापरवाही, और संभावित वित्तीय गड़बड़ियों की व्यापक जांच की मांग की है।

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र के दौरान, मंत्री ने विपक्षी दल सीपीआई-एम पर तंज कसते हुए कहा था कि पिछली वामपंथी सरकार द्वारा उद्घाटन की गई इमारत अब टूटने लगी है।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ब्लॉक के खुलने के कुछ ही महीनों के भीतर उसकी छत के हिस्से गिर गए हैं।

नए सर्जिकल ब्लॉक का उद्घाटन 16 फरवरी, 2026 को तत्कालीन वामपंथी सरकार ने किया था।

लेकिन छत के हिस्सों का बार-बार गिरना, निर्माण की गुणवत्ता और मरीजों, डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.पी.एम. मोहम्मद हनीश को एक तकनीकी समिति गठित करने का निर्देश दिया है, जो इमारत का निरीक्षण करेगी और इसकी संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन करेगी।

समिति से कहा गया है कि वह निर्माण संबंधी खामियों की पहचान करे और यह सुनिश्चित करे कि उन्हें ठीक किया जाए।

साथ ही, तत्काल सुरक्षा उपाय करने की भी मांग की गई है।

छत गिरने के अलावा, सिविल, प्लंबिंग और इलेक्ट्रिकल कार्यों में भी कमियां पाई गई हैं।

जांच में यह देखा जाएगा कि क्या निर्माण कार्य में स्वीकृत तकनीकी मानकों का पालन किया गया था, और क्या उचित गुणवत्ता जांच तथा निगरानी की गई थी।

मंत्री ने इस परियोजना से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच करने को कहा है।

चूंकि यह इमारत उन्नत चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसमें बार-बार सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आ रही हैं। इसलिए, मुरलीधरन चाहते हैं कि तकनीकी निरीक्षण और विजिलेंस जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मुरलीधरन ने किसी जांच की मांग की है। इससे पहले भी उन्होंने आयुर्वेद अस्पतालों में फर्नीचर की खरीद, 'औषधि' में वित्तीय अनियमितताओं, केएमएससीएल द्वारा ब्लीचिंग पाउडर की खरीद और कोविड-19 से जुड़ी खरीद के मामलों में जांच की मांग की थी।

--आईएएनएस

एससीएच

Share this story