अफगानिस्तान: स्थानीय लोगों और तालिबान बलों के बीच झड़पों में चार की मौत, 32 घायल
काबुल, 11 मई (आईएएनएस)। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को बताया कि अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी बदख्शान प्रांत में झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हो गए।
रिपोर्ट के अनुसार, ये झड़प तालिबान बलों, स्थानीय लोगों और सशस्त्र विरोधी गतिविधियों के बीच बढ़ते तनाव की वजह से हुईं।
अफगान मीडिया आउटलेट 'अमू टीवी' ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि ये झड़पें अलग-अलग विवादों से शुरू हुईं, जिनमें अफीम की खेती, खनन स्थलों पर नियंत्रण और तालिबान के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध शामिल थे।
आर्गो जिले में अफीम की फसलों को नष्ट करने की तालिबान की कोशिशों से जुड़ी झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए।
शुकाई जिले में खनन गतिविधियों को लेकर हुई झड़पों में दो लोगों की मौत हुई और दस लोग घायल हो गए।
खश जिले में स्थानीय लोगों और तालिबान बलों के बीच झड़पों में 11 लोग घायल हुए, जबकि जुरम जिले में सशस्त्र प्रतिरोध से जुड़ी घटनाओं में तीन लोग घायल हुए।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया कि कई जिलों में तनाव अभी भी बना हुआ है। लोग सतर्क हैं और कुछ इलाकों में, खासकर खश जिले की ओर जाने वाली सड़कें, स्थानीय लोगों ने बंद कर दी हैं।
स्थिति बिगड़ने के बाद तालिबान ने बदख्शान के कुछ हिस्सों में अतिरिक्त बल भी तैनात किए हैं।
अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्व में स्थित बदख्शान प्रांत लंबे समय से अफीम की खेती, खनन नियंत्रण और स्थानीय विवादों की वजह से सबसे अस्थिर इलाकों में से एक बन गया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस प्रांत में सोना और अन्य खनिजों के बड़े भंडार हैं, और खनन स्थलों पर अधिकार को लेकर स्थानीय लोगों, कमांडरों और तालिबान से जुड़े लोगों के बीच अक्सर संघर्ष होते रहते हैं।
अफीम की खेती ग्रामीण इलाकों के कुछ लोगों के लिए आय का बड़ा जरिया है, लेकिन तालिबान की ओर से इसे खत्म करने के अभियान ने कई जगहों पर विरोध और घातक झड़पों को जन्म दिया है। पिछले साल भी ऐसे ही टकरावों के बाद कई दिनों तक प्रदर्शन, गिरफ्तारियां और हिंसा देखने को मिली थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक मजबूरी से जुड़े ये विवाद बदख्शान को तालिबान के नियंत्रण में सबसे अस्थिर इलाकों में से एक बना रहे हैं।
--आईएएनएस
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