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'याद रखें, शादी दो लोगों के बीच होती है...', अंतरधार्मिक विवाह पर आदित्य पंचोली ने दिया बड़ा बयान

'याद रखें, शादी दो लोगों के बीच होती है...', अंतरधार्मिक विवाह पर आदित्य पंचोली ने दिया बड़ा बयान
'याद रखें, शादी दो लोगों के बीच होती है...', अंतरधार्मिक विवाह पर आदित्य पंचोली ने दिया बड़ा बयान

मुंबई, 26 जून (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता आदित्य पंचोली एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार उन्होंने अलग-अलग धर्मों में होने वाली शादियों पर अपनी राय रखी। दरअसल, उन्होंने अभिनेता विंदू दारा सिंह के एक पुराना वीडियो सामने आने पर ये बयान दिया। इस वीडियो में विंदू ने अपनी निजी जिंदगी और शादी से जुड़े अनुभवों को साझा किया हुआ था।

आदित्य पंचोली ने अपने एक्स अकाउंट पर विंदू दारा सिंह का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में विंदू अपनी पूर्व पत्नी फराह नाज के साथ अपने रिश्ते और शादी के अनुभव के बारे में बात करते नजर आते हैं। वीडियो में विंदू बताते हैं कि उनके पिता दारा सिंह ने उन्हें शादी से पहले यह चेतावनी दी थी कि फराह नाज मुस्लिम हैं और इससे आगे चलकर मुश्किलें आ सकती हैं।

इसी वीडियो में विंदू दारा सिंह आगे कहते हैं कि उन्होंने अपने पिता की बात को नजरअंदाज करते हुए फराह नाज से शादी की थी। लेकिन कुछ समय बाद दोनों के रिश्ते में दूरी आ गई और वे अलग हो गए।

विंदू ने बताया कि उनके रिश्ते के टूटने के पीछे कई कारण थे, जिनमें यह भी शामिल था कि फराह नाज अचानक ज्यादा धार्मिक हो गई थीं।

विंदू के इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य पंचोली ने लिखा, ''मुझे लगता है कि हिंदू और मुस्लिम शादियां चलती हैं। याद रखें, शादी दो लोगों के बीच होती है, धर्म के बीच नहीं।''

आदित्य पंचोली की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी पत्नी जरीना वहाब हैं। दोनों की मुलाकात फिल्म 'कलंक का टीका' के सेट पर हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई और बाद में यह रिश्ता शादी में बदल गया। दोनों ने साल 1986 में शादी की। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें बेटी सना और बेटा सूरज पंचोली शामिल हैं। सूरज पंचोली भी फिल्मी दुनिया में एक्टिव हैं।

आदित्य पंचोली ने अपने करियर की शुरुआत साल 1985 में दूरदर्शन के शो 'शहादत' से की थी। इसके बाद उन्होंने कई सीरीयल्स में काम किया, जिनमें 'सोने का पिंजरा', 'स्याही', 'अफसर की साली' और 'मरियम की बेटी' जैसे नाम शामिल हैं। धीरे-धीरे उन्होंने हिंदी सिनेमा की ओर रुख किया और साल 1986 में फिल्म 'सस्ती दुल्हन महंगा दूल्हा' से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद वह 'यस बॉस', 'हमेशा', 'बागी', 'आंखें', 'जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी', 'मुसाफिर', 'रेस 2', 'जय हो', 'हीरो' और 'बाजीराव मस्तानी' जैसी फिल्मों में नजर आए।

--आईएएनएस

पीके/एएस

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