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वित्त वर्ष 2026 में अदाणी ग्रुप की एसीसी का राजस्व 18 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 25,962 करोड़ रुपए हुआ

अहमदाबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। एसीसी लिमिटेड, जो अदाणी ग्रुप के सीमेंट पोर्टफोलियो का हिस्सा है, ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026 के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की रिपोर्ट दी।
वित्त वर्ष 2026 में अदाणी ग्रुप की एसीसी का राजस्व 18 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 25,962 करोड़ रुपए हुआ

अहमदाबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। एसीसी लिमिटेड, जो अदाणी ग्रुप के सीमेंट पोर्टफोलियो का हिस्सा है, ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026 के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की रिपोर्ट दी।

कंपनी ने अपने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने ऑपरेशन से आय यानी राजस्व (रेवेन्यू) में साल-दर-साल 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह 25,962 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जबकि ईबीआईटीडीए 2,950 करोड़ रुपए रहा।

साथ ही कंपनी ने बताया कि उसने इस साल अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री (सेल्स वॉल्यूम) 43.9 मिलियन टन दर्ज की है।

कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के सीईओ विनोद बाहेती ने कहा कि यह ग्रोथ बेहतर प्रोडक्ट, क्षमता के सही उपयोग और मजबूत कामकाज के कारण संभव हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लागत कम करने और ऑपरेशन बेहतर बनाने से प्रदर्शन और सुधरेगा।

उन्होंने आगे कहा, "कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमने इस तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री और रेवेन्यू दर्ज किया।"

वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में कंपनी की आय 17 प्रतिशत बढ़कर 7,146 करोड़ रुपए हो गई, जो अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही आय है।

इस तिमाही में बिक्री 11.9 मिलियन टन रही, जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत ज्यादा है।

इस दौरान, प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 45 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 41 प्रतिशत थी।

एसीसी लिमिटेड के रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) बिजनेस में भी अच्छा प्रदर्शन रहा। इस तिमाही में इसकी बिक्री 33 प्रतिशत बढ़कर 1.14 मिलियन क्यूबिक मीटर हो गई।

इस सेगमेंट का ईबीआईटीडीए 79 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपए हो गया।

कंपनी की क्षमता उपयोग (कैपेसिटी यूटिलाइजेशन) भी लगभग 9 प्रतिशत बढ़कर करीब 80 प्रतिशत हो गया।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,304 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल 1,187 करोड़ रुपए था।

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 में मुनाफे में 637 करोड़ रुपए की एकमुश्त आय शामिल थी, जो एक्साइज ड्यूटी में छूट के कारण मिली थी, इसलिए उस साल का बेस ज्यादा था।

कंपनी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ी है, जिससे मार्जिन पर दबाव पड़ा।

यह दबाव वित्त वर्ष 2027 के पहले आधे हिस्से में भी जारी रह सकता है। इसके लिए कंपनी ईंधन मिश्रण में बदलाव, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स सुधार पर काम कर रही है।

ऑपरेशन के लिहाज से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और उस पर कोई कर्ज नहीं है। कंपनी की कुल संपत्ति (नेट वर्थ) 20,554 करोड़ रुपए है और उसके पास 918 करोड़ रुपए नकद रिजर्व है।

इसके अलावा, कंपनी को क्रिसिल और केयर रेटिंग्स से एएए/ए1+ जैसी हाई रेटिंग मिली हुई है, जो भविष्य में विस्तार के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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