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समय के साथ पड़ोस के रिश्तों में अपनापन कम होता जा रहा है : आतिश कपाड़िया

समय के साथ पड़ोस के रिश्तों में अपनापन कम होता जा रहा है : आतिश कपाड़िया
समय के साथ पड़ोस के रिश्तों में अपनापन कम होता जा रहा है : आतिश कपाड़िया

मुंबई, 10 सितंबर (आईएएनएस)। लेखक-निर्देशक आतिश कपाड़िया ने अपनी नई कॉमेडी सीरीज 'चुंबक' के पीछे की कहानी साझा की। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई सीरीज में पांच परिवारों की जिंदगी, उनके आपसी रिश्ते और पड़ोसियों के बीच बनने वाले खास रिश्तों को दिखाया गया है।

आतिश ने बताया कि इस कहानी का आइडिया उन्हें आज के समय में बदलते पड़ोसी रिश्तों को देखकर आया। एक समय था, जब पड़ोसी परिवार का हिस्सा हुआ करते थे। एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होना और जरूरत पड़ने पर साथ खड़ा होना बिल्कुल आम बात थी, लेकिन समय के साथ इन रिश्तों में वह अपनापन कम होता गया।

आतिश ने कहा, ''पहले हमारे लिए पड़ोस बहुत मायने रखता था। हमारे बच्चे हों या किसी के बुजुर्ग दादा-दादी, लोग उन्हें हमारे घर छोड़ जाते थे। हमारे मां-पापा और हम उनकी देखभाल करते थे, उन्हें खाना खिलाते थे। आज के समय में समाज बहुत ज्यादा औपचारिक हो गया है। अब पड़ोसी से भी पूछना पड़ता है कि अगर आपको परेशानी न हो तो क्या मैं यहां अपनी चप्पल रख सकता हूं, क्योंकि मेरे घर मेहमान आए हैं।''

आतिश ने पुराने और आज के पड़ोसी रिश्तों के बीच का फर्क बताते हुए कहा, ''पहले अगर किसी पड़ोसी के घर तेज आवाज में गाना बज रहा होता था, तो सामने से सीधे कह दिया जाता था, 'अरे, आवाज कम करो।' इसमें भी अपनापन होता था और पड़ोसी बुरा नहीं मानता था। आज वही बात काफी सोच-समझकर और औपचारिक तरीके से कही जाती है।''

उन्होंने कहा, ''इसी बदलाव ने मुझको सोचने पर मजबूर किया कि क्यों न पड़ोस के इन्हीं रिश्तों पर एक कहानी बनाई जाए। जब मैं नेटफ्लिक्स के लिए किसी नए प्रोजेक्ट के बारे में सोच रहा थे, तब मेरे दिमाग में पड़ोस पर कहानी बनाने का विचार आया। इसके बाद मैंने जमनादास यानी जेडी मजेठिया से बात की और हमने मिलकर पांच परिवारों को केंद्र में रखकर कहानी तैयार करने का फैसला किया। यहीं से 'चुंबक' का विचार सामने आया।''

आतिश ने कहा, ''यह सिर्फ पड़ोस में रहने वाले पांच परिवारों की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अलग-अलग स्वभाव के लोग भी साथ रहते-रहते एक-दूसरे से कैसे जुड़ जाते हैं। मुझे लंबे समय तक कोई सही नाम नहीं मिल रहा था। इसी दौरान मेरे बेटे अगस्त्य ने सुझाव दिया कि ऐसा नाम होना चाहिए, जिसका मतलब ही लोगों को एक-दूसरे से जोड़ना हो। अगस्त्य की बात सुनकर मुझको तुरंत 'चुंबक' नाम पसंद आ गया।''

आतिश ने बताया कि उन्होंने यह नाम जेडी मजेठिया के साथ साझा किया और फिर नेटफ्लिक्स की टीम के सामने रखा। सभी को यह नाम पसंद आया और इसी के साथ सीरीज का सफर आगे बढ़ा।

'चुंबक' का निर्माण और निर्देशन जेडी मजेठिया और आतिश कपाड़िया ने मिलकर किया है। हैट्स ऑफ प्रोडक्शन की इस सीरीज में नीना गुप्ता, देवेन भोजानी, अर्जुन बिजलानी, हेली शाह, सुमीत राघवन, संदीपा धर, सुमीत व्यास, मानसी पारेख, अनंत जोशी, अमायरा दस्तूर और डेलनाज ईरानी जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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