एएएसयू ने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में 2.08 करोड़ के वीआईपी सुविधा प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए
गुवाहाटी, 8 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) ने बुधवार को गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसके तहत वीआईपी डाइनिंग रूम, किचन और स्टाफ क्वार्टर बनाने पर 2.08 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यूनियन का तर्क है कि ऐसे समय में जब असम की यह प्रमुख यूनिवर्सिटी आर्थिक तंगी से जूझ रही है, इस तरह के खर्च को सही नहीं ठहराया जा सकता।
मीडिया से बात करते हुए एएएसयू के अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने कहा कि छात्र संगठन यूनिवर्सिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के खिलाफ नहीं है लेकिन उनका मानना है कि जब संसाधन सीमित हों, तो गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स के बजाय एकेडमिक प्राथमिकताओं को ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए।
उत्पल शर्मा ने कहा कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट से जुड़ा टेंडर नोटिस सार्वजनिक कर दिया है और कॉन्ट्रैक्ट पहले ही दिया जा चुका है।
टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में लगभग 2.08 करोड़ रुपए की लागत से गेस्ट हाउस, वीआईपी डाइनिंग रूम, किचन और स्टाफ क्वार्टर का निर्माण शामिल है।
एएएसयू नेता ने कहा कि अगर यूनिवर्सिटी के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन होते और इस तरह के खर्च से एकेडमिक गतिविधियों पर असर नहीं पड़ता, तो यूनियन इससे भी बड़े निवेश का समर्थन करती।
शर्मा ने कहा, "मैं भी चाहता हूं कि गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर हो। अगर वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं बनाने के लिए 10 करोड़ रुपए भी खर्च किए जाते, तो भी कोई आपत्ति नहीं होती, बशर्ते टीचिंग, रिसर्च और अन्य एकेडमिक गतिविधियों के लिए फंड की कोई कमी न हो।"
हालांकि, उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही यूनिवर्सिटी, जरूरी एकेडमिक जरूरतों को पूरा करने के बजाय गेस्ट हाउस किचन और वीआईपी डाइनिंग सुविधा विकसित करने पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है।
शर्मा का तर्क था कि वीआईपी मेहमाननवाजी के लिए प्रोजेक्ट्स शुरू करने से पहले संस्थान को अपने शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, एकेडमिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और छात्रों व फैकल्टी के लिए पर्याप्त फंडिंग सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।
एएएसयू अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह मामला असम सरकार के शिक्षा विभाग के ध्यान में लाया गया है। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि वे इस खर्च के पीछे के तर्क की जांच करें और यह आकलन करें कि क्या यूनिवर्सिटी की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए प्रस्तावित प्रोजेक्ट पब्लिक फंड का सही इस्तेमाल है।
--आईएएनएस
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