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गुजरात: साबरकांठा में कपास के खेत में उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 1.72 करोड़ की खेप जब्त

गुजरात: साबरकांठा में कपास के खेत में उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 1.72 करोड़ की खेप जब्त
गुजरात: साबरकांठा में कपास के खेत में उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 1.72 करोड़ की खेप जब्त

हिम्मतनगर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। साबरकांठा पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) ने 345.6 किलोग्राम वजन और 1.72 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के 967 गांजे के पौधे जब्त किए हैं।

आरोप है कि राजस्थान बॉर्डर के पास कोटडा गढ़ी गांव के एक खेत में कपास की फसल की आड़ में इनकी खेती की जा रही थी।

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 'से नो टू ड्रग्स' (नशीले पदार्थों को न कहें) और 'ड्रग-फ्री साबरकांठा' (नशा-मुक्त साबरकांठा) मिशन के तहत की गई। इन मिशन का मकसद जिले में नशीले पदार्थों के उत्पादन, अवैध ट्रांसपोर्टेशन, खरीद और बिक्री पर रोक लगाना है।

एलसीबी टीम को खेरोज पुलिस स्टेशन इलाके में गश्त के दौरान जानकारी मिली कि कोटडा गढ़ी गांव के मगरा फलिया इलाके में जागा रामा गमर और उनके परिवार के सदस्य अपने कब्जे वाले खेतों में गांजे की खेती कर रहे थे।

जानकारी मिलने पर टीम ने छापेमारी की और कपास की फसल के साथ गांजे के पौधे उगाए हुए पाए। पुलिस ने इन खेतों के मालिकों और कब्जेदारों की पहचान रायचंदभाई रामाभाई गमर, जागा रामाभाई गमर और रवा पुनाभाई गमर के तौर पर की। ये सभी पोशी तालुका के कोटडा गढ़ी गांव के रहने वाले हैं।

इस दौरान कुल 967 गांजे के पौधे जब्त किए गए, जिनका वजन 345.600 किलोग्राम था और जिनकी कीमत 1,72,80,000 रुपए आंकी गई। ऑपरेशन के दौरान टीम ने मिट्टी के तीन सैंपल और तीन कंट्रोल सैंपल भी इकट्ठा किए।

पुलिस ने खेरोज पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की धाराओं 8(सी), 20(ए)(1), 20(बी)(2-सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया।

आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई चल रही है। इस मामले में 25 साल के रायचंदभाई रामाभाई गमर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जागा रामा गमर और रवा पुनाभाई गमर की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

साबरकांठा पुलिस ने बताया कि जिले की राजस्थान सीमा और दूर-दराज के इलाकों में अवैध खेती का पता लगाना भौगोलिक और लॉजिस्टिकल चुनौतियों भरा काम है, क्योंकि वहां पहाड़ी इलाका है, जगहें अलग-थलग हैं, खेत मुख्य सड़कों से दूर हैं और लोगों की आवाजाही भी कम है।

एलसीबी ने कहा कि उसके कर्मचारी ऐसी खेती की पहचान करने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस, तकनीकी जानकारी और जमीनी जांच का इस्तेमाल कर रहे थे। यह ऑपरेशन नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद चलाया गया।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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